बाराबंकी। फ्लाइंग सिख सरदार मिल्खा सिंह के निधन पर उनको शोक संवेदना व्यक्त की गई। वक्ताओं ने कहा कि मिल्खा सिंह ने चार बार एशियन गेम्स और 1958 के कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। 1960 में रोम में 400 मीटर की दौड़ में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करके कीर्तिमान स्थापित किया।
उन्होंने 1956 और 1964 के ओलंपिक खेलों में देश की नुमाइंदगी की थी और 1959 में उन्हें पद्मश्री के खिताब से नवाजा गया। उनका निधन खेल जगत के लिए अपूर्णनीय क्षति है।
शहर के लाजपत नगर गुरुद्वारा परिसर में शनिवार को श्रद्धांजलि देते हुए चरनजीत गाबा, सरदार चरनजीत सिंह, सरदार मनमीत सिंह सोनू, सरदार अमरजीत सिंह, सरदार हरविंदर सिंह, सरदार अवतार सिंह ,भाई नानक सिंह, सरदार सतविंदर सिंह, सरदार सुखविंदर सिंह आदि ने उन्हें याद किया।
सभी ने कहा कि फ्लाइंग सिख के नाम से मशहूर धावक मिल्खा सिंह के निधन से भारत ने एक कोहिनूर खो दिया। सरदार मिल्खा सिंह हर भारतीय के लिए प्रेरणा बने रहेंगे। उन्होंने विश्व एथलेटिक्स पर अमिट छाप छोड़ी। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे। वहीं देवा मार्ग स्थित गांधी भवन में भी मिल्खा सिंह के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की गई।