बाराबंकी। नगरपालिका परिषद अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत सरकारी जमीन से कब्जा हटाने पहुंची थी। भारी विरोध के कारण काफी देर की मशक्कत के बाद बिना अतिक्रमण हटाए ही लौट गई। इस दौरान सभासदों की अगुवाई में विरोध करने पहुंचे स्थानीय लोगों ने जमकर नारेबाजी की। भीड़ को देखकर पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
बेगमगंज स्थित सरकारी थोक केंद्रीय सहकारी उपभोक्ता भंडार परिसर में बनी दुकानों व जमीन पर लोगों ने अवैध ढंग से कब्जा कर रखा है। इन्हीं कब्जों को हटाने के लिए बुधवार को नगरपालिका परिषद की टीम वहां पहुंची तो सभासद आसिफ की अगुवाई में लोग विरोध करने पहुंच गए और नारेबाजी करते हुए चेेतावनी दी कि यदि किसी की दुकान हटाने की कोशिश की गई तो हाईवे जाम कर प्रदर्शन किया जाएगा।
करीब डेढ़ घंटे तक चली मशक्कत के बाद नगरपालिका परिषद की टीम बिना अतिक्रमण हटाए खाली हाथ लौट गई। नगरपालिका ने जारी बयान में बताया है कि जिला प्रशासन की अगुवाई में कोतवाली से लेकर निबलेट तिराहे तक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया।
निबलेट तिराहे के पास मुख्य सड़क से लगी हुई सरकारी अभिलेखों में यह जमीन अंजुम लाइब्रेरी मिल्कियत सरकार के नाम दर्ज है। उक्त भूमि पर 18 अवैध कब्जेदार स्थाई व अस्थाई दोनों प्रकार से अतिक्रमण कर कारोबार कर रहे हैं। इसे हटाए जाने के दौरान अतिक्रमणकारियों द्वारा विरोध किया गया जिसके चलते अभियान रोकना पड़ा। अतिक्रमण की गई जमीन पूूर्णरूप से सरकारी है।
नायब तहसीलदार सुशील सिंह के साथ नगरपालिका की टीम में कर निर्धारण अधिकारी कमलेश चौबे, कुलदीप, शील श्रीवास्तव, गौरव शुक्ला, अधूलिका सिंह, नदीम, योगेंद्र पाठक, विमल सिंह, शुजा व पवन शुक्ला आदि शामिल रहे।
सरकारी जमीन से कब्जा हटवाने गई नगर पालिका की टीम को नगरपालिका के सदस्य (सभासद) के ही विरोध का सामना करना पड़ा। नगरपालिका की संपत्तियों की रक्षा करने की शपथ सदस्य भूल गए। स्थानीय लोगों को साथ लेकर अतिक्रमण हटाने का न सिर्फ विरोध किया बल्कि नारेबाजी भी की। सभासद की अगुवाई में विरोध जारी रहा और भीड़ को देखकर पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
नगरपालिका परिषद अध्यक्ष शशी श्रीवास्तव ने बताया कि नगरपालिका के सभासद ही नगरपालिका की भूमि पर अतिक्रमण हटाए जाने का विरोध कर रहे हैं। इससे अधिक निंदनीय और कुछ नहीं हो सकता। यह पब्लिक का विरोध नहीं है, इसमें सभासदों की संलिप्तता निंदनीय है।