फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Barabanki News: सेहत की दुश्मन बनी आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या

Mon, 29 Jan 2024 03:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
विज्ञापन
विज्ञापन
बाराबंकी। गांवों से लेकर कस्बों व शहर के हर वार्ड में इस समय बढ़ रही आवारा कुत्तों की संख्या आम लोगों की सेहत की दुश्मन बन गई है। जरा सी नजर चूकते ही यह बच्चों के साथ बड़ों पर भी हमला कर देते हैं। इसके चलते रोज 100 से अधिक लोग इनके शिकार हो रहे हैं। जिला अस्पताल में पीड़ित लोगों की भीड़ देखी जा सकती है। हैरत की बात तो यह है कि कुत्तों की तादाद रोकने के लिए किसी भी विभाग के पास कोई कार्ययोजना नहीं है।
विज्ञापन



शहर के पुलिस लाइन परिसर में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान दो वर्षीय अथर्व को आवारा कुत्तों द्वारा नोचने की घटना पहली नहीं थी। पिछले कुछ वर्षों में इस प्रकार की घटनाएं आम बात हो गई हैं। लखनऊ के निजी अस्पताल में भर्ती मासूम की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। शहर के मोहल्ला पीरबटावन, सिविल लाइन, आवास विकास, लखपेड़ाबाग, अभयनगर समेत अधिकांश मोहल्लों में कुत्तों के झुंड घूम रहे हैं। इससे सुबह मॉर्निंग वॉक पर जाने वाले लोगों के साथ स्कूली बच्चे और महिलाएं भी डरी रहती हैं। कुत्तों को देखकर लोग रास्ता बदलने को मजबूर हो गए हैं।


वर्ष 2018 में कुर्सी थाना क्षेत्र के बहरौली गांव के खलील की कुत्तों के काटने की वजह से मौत हो गई थी। इसी के साथ मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र में आठ बकरियों को कुत्तों ने मार डाला था एवं एक बालक को जख्मी कर दिया था। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से कुत्तों को पकड़ने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन चंद रोज कांबिंग के बाद अभियान ठंडे बस्ते में चला गया था।
विज्ञापन




दिसंबर 2022 में लोनीकटरा से त्रिवेदीगंज चौराहे तक एक कुत्ते ने सुबह से शाम तक 15 लोगों पर हमला बोल उन्हें घायल कर दिया था। इसमें दो लोगों को गंभीर हालत में लखनऊ रेफर करना पड़ा था। 14 जनवरी को हैदरगढ़ के बम्हरौली गांव में आवारा कुत्तों ने आधा दर्जन से अधिक लोगों को काटकर जख्मी कर दिया था, लेकिन यहां भी कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई नहीं पहुंचा था।



बॉक्स
अपशिष्ट प्रबंधन के नहीं हैं इंतजाम
शहर में मांस की दुकानों पर अपशिष्ट प्रबंधन के कोई इंतजाम नहीं हैं। मांस अपशिष्ट खुली नालियों में बहा दिए जाते हैं। ऐसे में इन दुकानों के आसपास आवारा कुत्ते आसानी से देखे जा सकते हैं।



शुरू होगा एबीसी कार्यक्रम
स्ट्रीट डॉग्स की संख्या एवं आक्रामकता नियंत्रित रखने के लिए जल्द ही प्रस्ताव तैयार कराकर एनीमल बर्थ कंट्रोल कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिसमें नगर पालिका के साथ पशु चिकित्सकों की टीम भी शामिल की जाएगी।
विज्ञापन

- सत्येंद्र कुमार, डीएम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें