घाघरा में कटान व बाढ़ को लेकर शुक्रवार को जिलाधिकारी ने अलीनगर-रानीमऊ तटबंध, लोढेमऊ स्पर व नेवली तथा जैदपुर ड्रेन का हाल जाना। डीएम ने बांध को बचाने के लिए दो और कटर शीघ्र बनाए जाने के निर्देश बाढ़ खंड के अधिशाषी अभियंता को दिए।
डीएम ने कोठरी गौरिया गांव को बाढ़ से बचाने के लिए बाढ़ खंड के अधिकारियों को मौके पर कैंप कर शीघ्र कार्य को पूरा कराने को कहा। वहीं दूसरी ओर घाघरा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। इससे नदी के किनारे के क्षेत्र में कटान भी शुरू हुई है।
शुक्रवार की सुबह जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी बाढ़ को लेकर की गई तैयारियों का हाल जानने निकले। डीएम ने सबसे पहले नेवली व जैदपुर ड्रेन देखी। बाढ़ आने पर सबसे पहले प्रभावित होने वाले कोठरी गौरिया गांव को बचाने के लिए डीएम अलीनगर-रानीमऊ तटबंध का निरीक्षण करने पहुंचे।
तटबंध के किनारे कटान रोकने के लिए बनवाये गये कटर के बारे में डीएम ने जानकारी ली। तो पता चला कि तीन कटर बनाए गए है। गांव की सुरक्षा को लेकर कटरों की संख्या कमतर देखकर डीएम ने दो कटर शीघ्र बनाए जाने के आदेश बाढ़ के अधिशासी अभियंता जेकेलाल को दिए। डीएम ने कहा कि बाढ़ को लेकर जो कार्य होने जरूरी है, उसमें लापरवाही न बरती जाए।
इसके लिए डीएम ने छोटी-छोटी परियोजनाएं बनाकर समय से काम कराने के निर्देश भी एक्सएन को दिए। घाघरा में पानी बढ़ने के बाद गोठरी गौरिया गांव को सबसे अधिक खतरा होने को लेकर डीएम ने गांव की स्थित भी देखी। इसके बाद डीएम ने सीधे लोढेमऊ स्पर पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
वहीं दूसरी ओर घाघरा का जलस्तर बढ़ने से कटान शुुरू हुई है। दो दिन पूर्व घाघरा का जलस्तर 101.746 मीटर था। जबकि शुक्रवार को 103.706 मीटर पर पहुंच गया। हालांकि खतरे के निशान से कम है। विभाग 107.555 मीटर जलस्तर को खतरे से ऊपर मानती है।
इस संबंध में बाढ़ के अधिशाषी अभियंता जेके लाल की माने तो जलस्तर बढ़ा है पर यह धीरे धीरे कम भी हो रहा है। इस मौके पर एसडीएम राहुल यादव, बाढ खण्ड अधिकारियों के अलावा कोठरी गौरिया के ग्राम प्रधान विकास द्विवेदी आदि मौजूद थे।