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जीएसटी के खिलाफ मिलाजुला रहा बंद

Fri, 30 Jun 2017 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
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बाराबंकी में शुक्रवार को जीएसटी के विरोध में शहर में रैली निकाल कर प्रदर्शन करते व्यापारी - फोटो : अमर उजाला
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जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) के विरोध में व्यापारिक संगठनों ने शुक्रवार को प्रदर्शन कर हड़ताल की। इस दौरान जिले में इसका मिला-जुला असर दिखा। एक ओर हड़ताल के चलते जहां शहर में लगने वाली साप्ताहिकी बाजार नहीं लगी, वहीं दूसरी ओर कई जगह व्यापारियों के प्रतिष्ठान खुले रहे। जीएसटी को लेकर अवध एडवोकेट्स वेलफेयर सोसाइटी के पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार का पुतला फूंक कर विरोध जताया। व्यापारी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन के बाद वित्तमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भेजा।
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जीएसटी को लेकर व्यापारिक संगठनों ने प्रांतीय कार्यकारणी के आवाहन पर देशव्यापी हड़ताल का समर्थन करते हुए प्रदर्शन कर जुलूस निकाला। इस दौरान शहर के एक हिस्से में व्यापारियों ने अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। शुक्रवार को शहर में ही लगने वाली सट्टी बाजार पूरी तरह से नहीं लगी।

जुलूस का नेतृत्व कर रहे व्यापारी नेता प्रदीन जैन ने कहा कि जीएसटी की पहल सराहनीय है। इसका भविष्य में काफी अच्छा असर आएगा। हमारा विरोध जीएसटी लागू होने को लेकर नहीं है बल्कि इसके कई नियमों को लेकर है। इन नियमों से छोटे व्यापारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
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केंद्र सरकार छोटे व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इनकों ठीक करे। व्यापारियों ने सट्टी बाजार से घंटाघर तक जुलूस निकाला। इस दौरान जुलूस में जहां कुछ व्यापारी प्रतिष्ठान बंद कर हिस्सा बने तो कुछ व्यापारियों ने दुकानें खोलकर इससे दूरी बनाए रखी।

उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के बैनर तले हुए प्रदर्शन के बाद वित्तमंत्री अरुण जेटली को ज्ञापन भेजकर जीएसटी में व्याप्त खामियों को दूर करने की मांग की गई। उधर दूसरी ओर अखिल भारतीय संयुक्त व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष रोहिताश्व दीक्षित ने बताया कि संगठन इस विरोध का समर्थन नहीं करता है। जीएसटी से व्यापारियों के भविष्य में कोई असुविधा नहीं होने वाली है। यह एक अच्छी पहल है।

उधर अवध एडवोकेट्स वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष व अधिवक्ता रितेश कुमार मिश्र के नेतृत्व में वकीलों ने जीएसटी के खिलाफ केंद्र सरकार का पुतला फूंक कर विरोध जताया। इसके बाद एक जनहित पत्र अतिरिक्त मजिस्ट्रेट स्वाती शुक्ला के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा।

इस मौके पर अधिवक्ता रितेश मिश्र ने कहा कि जनता को जीएसटी के नाम पर ठगा जा रहा है। सत्ता में आने पर भाजपा सरकार खुद ही जीएसटी जैसे काले कानून को  लागू कर रही है। प्रदर्शन में शिव कुमार शुक्ला, वीरेंद्र पटेल, सुरेंद्र यादव समेत कई अधिवक्ता व संस्था के पदाधिकारी शामिल रहे।     

जिले में शनिवार से जीएसटी लागू हो गया। एक सामान पर कई-कई टैक्स अदा करने की प्रक्रिया को पूरी तरह से बंद करने के साथ ही एक ही टैक्स चुकाने का अध्यादेश जारी कर दिया है। इससे क्या फायदे होंगे और क्या नुकसान, इसको लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी है। हर कोई जीएसटी को लेकर ही चर्चा कर रहा है। जीएसटी को लेकर हर किसी की अलग-अलग राय है। ‘अमर उजाला’ ने लोगों से बात की तो किसी ने इस पर खुशी जताई तो किसी ने नाराजगी जाहिर की। 

शहर के व्यापारी नेता व उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारी प्रदीप जैन ने कहा कि जीएसटी पर उनका कोई विरोध नहीं है। लेकिन जीएसटी में जो प्राविधान निर्धारित किए गए हैं उनसे छोटे व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करने के साथ ही व्यापार के लिए नुकसान सहना पड़ेगा। छोटे व्यापारी जो बीस लाख टर्न ओवर वाले हैं, और अपना माल दूसरे प्रदेश में बेचते व खरीदते हैं अब जब जीएसटी में रजिस्टर्ड नहीं होंगे तब तक अन्य प्रदेशों में कैसे अपना माल बेच पाएंगे।    

व्यापारी नेता राजीव गुप्ता बब्बी ने बताय कि केंद्र सरकार का यह एक अच्छा कदम है। जीएसटी लागू होने से व्यापारियों, उपभोक्ताओं व देश को काफी हद तक फायदा होगा। सभी को एक वस्तु का एक मूल्य ही देना होगा।        

गृहणी शोमना मिश्रा कहती है कि जीएसटी लागू होने से खाद्य पदार्थों के दाम में भी वृद्धि होगी। इससे घर के बजट पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। सरकार को महिलाओं के हित को देखते हुए इस पर भी ध्यान देना चाहिए, पर आने वाले समय के लिए यह एक अच्छी पहल है।   

व्यापारी अनिल अग्रवाल ने भी जीएसटी एक अच्छा कदम बताया। बोले, अभी तो दिक्कतें आ रही हैं। भविष्य के लिए यह एक सराहनीय पहल साबित होगी। इसमें जो कमियां हैं सबसे पहले सरकार को इसे दूर करना चाहिए था। जीएसटी को लेकर लोगों में भय व्याप्त है। इसके लिए लोगों में जागरूकता की जरूरत है। 
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