नदी का जलस्तर पिछले दो दिन से लगातार एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा है। इसके बाद भी नदी का पानी खतरे के निशान से 46 सेमी ऊपर बह रहा है। नदी का जलस्तर कम होने के साथ ही रायपुर के निकट बने एल्गिन चरसरी तटबंध पर खतरा और बढ़ गया है क्योंकि कटवन के निकट नदी की धारा ने कटान तेज कर दी है। वहीं शुक्रवार को दिन में हुई झमाझम बारिश ने तटबंधों पर बसे बाढ़ पीड़ितों की मुसीबतों को और बढ़ा दिया है।
घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 106.076 से बढ़कर 106.536 पर बह रहा है। जो खतरे के निशान से अभी भी 46 सेमी ऊपर है। नदी का जलस्तर गिरने के साथ ही रायपुर के निकट वन कटवन के पास कटान तेज हो गई है। नदी का पानी एल्गिन चरसरी तटबंध की ओर तेजी से बढ़ रहा है जिससे तटबंध को खतरा पैदा हो गया है।
टिकैतनगर प्रतिनिधि के अनुसार शुक्रवार को घाघरा का जलस्तर घट रहा था तो नदी ने उग्र रूप धारण कर लिया। सुबह करीब 9 बजे अचानक नदी में मशीना उठा और देखते ही देखते बांध की सुरक्षा के लिए बनाया गया कटवन 20 मीटर नदी में समा गया। उसके इर्द-गिर्द बालू की बोरियों से बनाये गए स्पर नदी में डूबते नजर आने लगे।
मशीना की तेज गति से कटान देख बांध पर मौजूद अधिकारियों के होश उड़ गए। बचाव का कोई रास्ता न देख लोग बांध को भगवान भरोसे छोड़ने को मजबूर हो गए अधिकारियों ने अपना बचाव करते हुए वाहन एवं अन्य सामग्री बांध से दूर पहुंचाना शुरू कर दिया। मजदूरों ने कार्य करना बंद कर दिया।
अब नदी सीधे बांध से जुड़ चुकी है। जिससे बांध पर खतरा और बढ़ गया है। करीब 11 बजे नदी का जलस्तर स्थिर होने लगा जिससे मशीने का वेग कम हो गया। उसी बीच बांध पर जमे अधिकारी एंव कर्मचारी के साथ एई अशोक कुमार, सहित तमाम अधिकारियों ने बांध को बचाने के लिए बालू भरी बोरियों एंव ईंट को नदी में डलवाना शुरू किया।
सुबह नदी में उठे तेज मशीने से बांध पर अफरातफरी का माहौल हो गया। पानी का दबाव लगातार बांध की ओर बन रहा था। बाद में मसीना शांत होने पर बांध के साथ ही कटवन को मजबूत करने का काम युद्धस्तर पर शुरू करा दिया गया है। -अशोक कुमार, एई बाढ़ खंड
घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है, लेकिन नदी का पानी खतरे के निशान से अभी भी 46 सेमी ऊपर बह रहा है। तटबंध के निकट हो रही कटान पर बाढ़ खंड के अधिकारी बराबर नजर रखे हुए हैं। वहीं बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद के आदेश बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के सभी एसडीएम को दिए गए हैं। -हरिकेश चौरसिया, अपर जिलाधिकारी