बाराबंकी। सतरिख थाना क्षेत्र के उधवापुर गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय में शिक्षिका उमा वर्मा द्वारा की गई आत्महत्या के मामले में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। घटना के चार दिन बाद पुलिस ने मृतका का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर पिछले ढाई वर्षों के चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल डाटा रिकवर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए मोबाइल को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
ज्ञात हो कि 17 जनवरी को उमा वर्मा का शव विद्यालय के प्रधानाध्यापक कक्ष में फंदे से लटका मिला था। इस मामले में मृतका के पति ऋषि वर्मा की तहरीर पर उसी विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सीतावती और सहायक अध्यापक सुशील कुमार वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि उमा वर्मा पिछले ढाई वर्षों से मनोचिकित्सक से इलाज करा रही थीं। पुलिस अब उन डॉक्टरों से भी संपर्क करेगी। थाना प्रभारी डीके सिंह ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों के अलावा स्कूल के बच्चों और अभिभावकों से भी पूछताछ की जाएगी ताकि घटना की असल वजह स्पष्ट हो सके।
वहीं, आरोपी प्रधानाध्यापिका और सहायक अध्यापक घटना के बाद से स्कूल नहीं आए हैं। हरख के बीईओ अश्विनी प्रताप सिंह के अनुसार, दोनों ने आकस्मिक अवकाश लिया है। दूसरी ओर, विद्यालय में हुई इस घटना के बाद से छात्र सहमे हुए हैं, जिसके कारण स्कूल में बच्चों की उपस्थिति भी कम हो गई है।