बाराबंकी। मनरेगा में किसी गांव को एक करोड़ तो किसी गांव में सबसे कम चार लाख ही खर्च किए गए। समानता रहे, इसलिए ऐसी पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए ऐसी ग्राम पंचायतों को चिह्नित कर कारणों का पता लगाया जाना चाहिए। ये मुद्दा बुधवार को डीआरडीए के गांधी सभागार में शासी निकाय की बैठक में सांसद उपेंद्र सिंह रावत ने उठाया। जिस पर सीडीओ मेधा रूप ने पूरे सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि मनरेगा में सबसे अधिक और सबसे कम खर्च वाली कम से कम 30 ग्राम पंचायतों को चिह्नित कर पूरे मामले की जांच की जाएगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को गांधी सभागार में शासी निकाय की बैठक आयोजित हुई। इसमें मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री आवास-ग्रामीण वर्ष 2020-21, मुख्यमंत्री आवास योजना, डीआरडीए प्रशासन मद पर व्यय धनराशि वर्ष 2020-21 का अनुमोदन एवं प्रस्तावित बजट समेत अवस्थापना सुविधाओं व कर्मचारियों की उपलब्धता के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। इसमें दरियाबाद विधायक सतीश चंद्र शर्मा ने सिंचाई विभाग की माइनरों की टूटी पुलिया की मरम्मत मनरेगा मद की सहभागिता से कराने की मांग रखी।
वहीं, सांसद प्रतिनिधि ने कहा कि समूहों के खातों की पासबुकों को बैंकों द्वारा प्रिंट नहीं किया जा रहा है। जिससे उनके खाते में आ रही धनराशि की जानकारी नहीं हो पा रही है। वहीं, पोषक नहर में कम पानी प्राप्त होने से किसानों को सिंचाई में असुविधा हो रही है। इस पर सीडीओ मेधा रूपम ने अवगत कराया कि इस बार 50 प्रतिशत ही पानी प्राप्त हो रहा है। इस कारण नहरें रोस्टर के अनुसार चलायी जा रही हैं। समूह एवं लाभार्थियों की पासबुकों के प्रिंट के लिए अग्रणी जिला प्रबंधक को पत्र भेजा जाएगा।
सदन की नामित सदस्य पूजा ने आवास आवंटन में अनियमितता, ग्राम घेरी समेत क्षेत्र के कई गांवों में नाली एवं खड़ंजा का निर्माण न होने की समस्या से अवगत कराया। जिस पर जिला पंचायत अध्यक्ष ने इस प्रस्ताव का स्वीकार करते हुए सभी समस्याएं लिखित रूप में सीडीओ को देने की बात कही। सीडीओ ने भी आश्वासन दिया।
इसके बाद पूरे सदन ने सर्वसम्मति से जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के प्रशासन मद का अनुमोदन देते हुए अभिकरण में रखे गये कर्मचारियों को नियमानुसार विनियमित किये जाने पर सहमति जताई। इस मौके पर सांसद उपेंद्र सिंह रावत, हैदरगढ़ विधायक बैजनाथ रावत, दरियाबाद विधायक सतीश शर्मा, सदर विधायक धर्मराज यादव, सीएमओ डॉ. बीएस चौहान, पीडी भोलानाथ कनौजिया, जिला कृषि अधिकारी संजीव कुुमार, डीडीओ केके सिंह, उपायुक्त श्रम रोजगार नरेंद्र देव द्विवेदी आदि मौजूद रहे।