बाराबंकी। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में कटौती का सीधा असर अब बाजार में दिखाई देने लगा है। रोजमर्रा की वस्तुओं के दामों में आई गिरावट से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। बीते 22 सितंबर को नई जीएसटी दरें लागू होने के बाद किराना, तेल-घी, अनाज, वाहन और सराफा बाजार में तेजी का माहौल बन गया है। महंगाई में नरमी आने से लोगों की क्रय शक्ति बढ़ी है।
22 सितंबर से नवरात्र की शुरुआत के साथ ही बाजार को संजीवनी मिल गई। लंबे समय बाद बाजारों में रौनक लौट आई। उपभोक्ताओं ने घरेलू जरूरतों से लेकर लग्जरी सामान तक की जमकर खरीदारी की। दीपावली तक बाजार में भीड़ उमड़ती रही। व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी दरों में कटौती ने उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ाया है। जीएसटी की दरों में कटौती से बाजार और मजबूत हुआ है। इससे छोटे कारोबारियों और उपभोक्ताओं, दोनों को फायदा हो रहा है।
सोना और चांदी की बिक्री में आई तेजी
सोने-चांदी के आभूषणों पर जीएसटी दरों में कटौती से बाजार में ग्राहक बढ़े है। पहले लोग कीमतों के कारण खरीदारी टाल देते थे, मगर अब सोना और चांदी दोनों दाम कम हुए हैं। सहालग को लेकर दोनों धातुओं के दाम बढ़ने की आशंका से कई ग्राहकों ने बुकिंग भी कराई है।
-आशीष रस्तोगी, सराफा व्यवसायी
वाहन बाजार में भी दिखा असर
दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर टैक्स घटने के कारण बिक्री में उछाल आया है। पहले उपभोक्ता ऑन-रोड कीमत सुनकर पीछे हट जाते थे, लेकिन अब कटौती के बाद कीमतें काफी कम हो गई हैं। नवरात्र से लेकर धनतेरस तक खरीदारों का उत्साह देखने लायक था। अब सहालग को लेकर बिक्री बढ़ी है।
- संतोष सिंह, एजेंसी मालिक दो पहिया वाहन