बाराबंकी। उप्र. माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं की डेटशीट जारी होने के बाद माध्यमिक विद्यालयों में गतिविधियां तेज हो गई हैं। परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च तक होंगी, लेकिन अधिकांश विद्यालयों में अभी तक पाठ्यक्रम अधूरा है। ऐसे में शिक्षकों पर पाठ्यक्रम पूरा करने और छात्रों को परीक्षा के लिए तैयार करने की दोहरी जिम्मेदारी आ गई है। कई विद्यालयों में स्थिति यह है कि केवल 50 से 80 प्रतिशत तक ही कोर्स पूरा हो सका है। दिसंबर के अंत तक प्री-बोर्ड परीक्षाएं भी प्रस्तावित हैं। अधूरे कोर्स के कारण शिक्षकों का ध्यान अब पूरे पाठ्यक्रम को जल्द से जल्द पूरा करने पर केंद्रित हो गया है।
शहर के एक विद्यालय में विज्ञान शिक्षक ने बताया कि अभी तक करीब 80 प्रतिशत कोर्स ही पूरा हो पाया है, लेकिन बोर्ड परीक्षा की तारीख घोषित होते ही हम तेजी से शेष पाठ पढ़ाने में जुट गए हैं। वहीं, कुछ विद्यालयों में अधिकांश पाठ्यक्रम पूरा कर लिया गया है और अब शिक्षक पुनरावृत्ति (रिवीजन) पर ध्यान दे रहे हैं। प्रधानाचार्य भी अब प्रत्येक कक्षा का मूल्यांकन कर यह सुनिश्चित करने में लगे हैं कि प्री-बोर्ड से पहले सभी विषयों का पाठ्यक्रम पूरा हो जाए।
जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) ओपी त्रिपाठी ने बताया कि यूपी बोर्ड की परीक्षाओं की डेटशीट जारी हो चुकी है। विद्यालयों में कोर्स की समीक्षा की जा रही है। जो पाठ शेष हैं, उन्हें प्री-बोर्ड से पहले शीघ्र ही पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।