निंदूरा/जैदपुर (बाराबंकी)। अलग-अलग स्थानों पर सोमवार को देवी मां की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। निंदूरा क्षेत्र स्थित बहरौली के बाबा मस्तराम आश्रम पर नौ दिवसीय जागरण का आयोजन किया गया था। सोमवार को धूमधाम से भक्त प्रतिमा विसर्जन के लिए निकले। जय माता जय माता की धुन पर झूमते श्रद्धालु विसर्जन करने शारदा नहर स्थित पोखरनी रेग्यूलेटर के पास पहुंचे।
परंपरा के अनुसार प्रत्येक वर्ष प्रतिमाओं का विसर्जन शारदा नहर में किया जाता था। लेकिन इस बार शारदा नहर बंद होने के कारण नहर की पटरी के पास 25 से 40 फीट का गड्ढा खोदा गया है, जिसमें प्रतिमा विसर्जित की गई। लेकिन गड्ढे में पानी न होने की वजह से श्रद्धालुओं में नाराजगी देखी गई। इस संबंध में एसडीएम पवन कुमार सिंह ने बताया कि परंपरा के अनुसार मंगलवार को प्रतिमा विसर्जन होना था, लेकिन कुछ स्थानों से लोग सोमवार को प्रतिमा लेकर विसर्जन को पहुंचे। गड्ढे में पानी न होने के कारण असमंजस की स्थिति उत्पन्न हुई। लेकिन देर रात तक पानी भरवा कर प्रतिमा विसर्जन किया गया।
जैदपुर के मोहल्ला पूरब स्थित संतोषी माता मंदिर से धूमधाम से प्रतिमा विसर्जन यात्रा निकाली गई। ऊंट, घोड़े, डीजे, ब्रासबैंड एवं शिव दरबार की अलौकिक झांकी तथा मां दुर्गा की प्रतिमा के साथ विसर्जन यात्रा निकाली गई, जो कस्बे के विभिन्न मार्गों से होती हुई सफदरगंज स्थित कल्याणी नदी तट पर पहुंची। जहां पर हवन पूजन, आरती के साथ प्रतिमा का विसर्जन किया गया।