बाराबंकी। जिले में अवैध रूप से संचालित अस्पताल मरीजों को सस्ते इलाज का झांसा देकर लूटने का काम कर रहे हैं। जिन अस्पतालों पर कार्रवाई करने का दावा किया गया था, उनमें से कई अस्पताल आज भी वैसे ही संचालित किए जा रहे हैं, लेकिन अधिकारी अनजान बने हैं।
त्रिवेदीगंज में संचालित दृष्टि अस्पताल को जांच में अवैध मिलने पर बंद करा दिया गया था। हालांकि यह पूर्व की भांति संचालित हो रहा है। बताया जाता है कि मरीजों ने यहां आना बंद कर दिया था, लेकिन बाद में सस्ते इलाज का लालच देकर इसे एक बार फिर से शुरू कर दिया गया है।
वहीं सूरतगंज क्षेत्र में इंदु अस्पताल को भी बंद करा दिया गया था, लेकिन वह भी मरीजों को सस्ते इलाज का लालच देकर चल रहा है। ये चंद नाम केवल एक बानगी भर हैं। जिले में ऐसे तीन दर्जन से ज्यादा अस्पताल हैं जिनका संचालन मानकों के विपरीत हो रहा है। यहां काम करने वाले कर्मचारियों के पास न कोई डिग्री है और न ही डिप्लोमा, फिर भी उनसे अस्पतालों में काम लिया जाता है। यही वजह है कि इनके गलत इलाज से आए दिन किसी न किसी की जान जा रही है। इसके बावजूद इन पर कार्रवाई के नाम पर औपचारिकता निभाई जा रही है। नोडल अधिकारी, एसीएमओ चिकित्सा एवं पंजीयन, डॉ. एलबी गुप्ता ने बताया कि अवैध रूप से संचालित अस्पतालों पर अभियान चलाकर जांच की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।