वेतन देने में बरती जा रही लापरवाही से जिला अस्पताल के फार्मास्सिट और कर्मचारियों के सब्र का बांध वृहस्पतिवार को टूट गया। आक्रोशित कर्मचारियों ने सीएमएस को उनके कमरे में बंद कर बाहर से बेलन लगा दिया।
कर्मचारियों ने करीब पांच घंटे तक सीएमएस को उनके कमरे में बंद रखा। आरोप लगाया कि बाबुओं की मिलीभगत से खुद का वेतन निकाल लिया। जिला अस्पताल में सीएमएस की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी।
नाराज कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर अपनी मांगों का ज्ञापन सीएमओ को सौंपा है जिस पर सीएमओ ने जल्द ही समस्त औपचारिकताएं पूरी कराकर वेतन दिलाए जाने का आश्वासन दिया है। इस दौरान घंटों मरीज इलाज के लिए परेशान रहे।
जिला अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशिएन, एक्स-रे टेक्नीशियन समेत कई स्वास्थ्य कर्मचारियों का जनवरी माह का वेतन अब तक नहीं मिल सका है। कर्मचारियों ने इस मामले में एक सप्ताह पूर्व सीएमएस को ज्ञापन देकर वेतन का भुगतान कराए जाने की मांग भी की थी।
लेकिन इसका कोई असर नहीं दिखाई दिया। इससे नाराज कर्मचारियों ने वृहस्पतिवार को सीएमएस के कक्ष पर पहुंच गए और वेतन दिलाए जाने की मांग की। सीएमएस की ओर से संतोषजनक जवाब न मिलने पर सभी का गुस्सा भड़क उठा और उन्हें कमरे में बंद करते हुए बाहर से बेलन लगा दिया। करीब पांच घंटे तक सीएमएस अपने कैमरे में ही कैद रहे।
समिति के उपाध्यक्ष राजाराम रावत ने आरोप लगाते हुए कहा कि मानव संपदा पोर्टल पर फीडिंग का कार्य पूरा करने में जमकर लापरवाही बरती गई। सीएमएस की मिलीभगत से बाबुओं ने कर्मचारियों की फीडिंग का कार्य समय से नहीं किया।
कर्मचारियों का आरोप यह है कि मार्च क्लोजिंग की चलते सीएमएस बाबुओं के साथ मिलकर बजट खपाने में लगे हैं और हम लोगों के वेतन की चिंता नहीं है। नाराज कर्मचारी सीएमओ के पास पहुंच उन्हें पूरे प्रकरण से अवगत कराते हुए वेतन दिलाए जाने की मांग की। जिस पर सीएमओ डॉ. डीआर सिंह ने जल्द ही वेतन दिलाए जाने का आश्वासन दिया।
दवा के लिए भटकते रहे मरीज
कर्मियों के हंगामे के चलते जिला अस्पताल में चर्म रोग का इलाज कराने पहुंचे राजाराम डॉक्टर को दिखाने के बाद दवा के लिए घंटों इंतजार करते रहे। वहीं बंकी के जमुना प्रसाद, हासेमऊ के ब्रह्मदीन वर्मा व राम स्वरूप निवासी किन्हौली को भी कई घंटे दवा के लिए भटकना पड़ा। मरीजों को परेशान होता देख फार्मासिस्टों ने दो घंटे बाद दवा वितरण के लिए तीन कर्मचारियों को लगा दिया। ओपीडी के बाहर एक साधु इलाज के अभाव में तपड़ता रहा और उसे किसी ने देखना उचित नहीं समझा। बाद में मौके पर मौजूद लोगों ने उसे इमरजेंसी में भर्ती कराया।
मानव संपदा पोर्टल पर कर्मचारियों की फीडिंग में समस्या के चलते वेतन फंसा हुआ है। कर्मचारियों को समझा-बुझाकर शांत कर दिया गया है। सीएमओ से वार्ता की जा रही है। जल्द ही समस्या का समाधान करते हुए वेतन दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। -डॉ. एसके सिंह, सीएमएस जिला पुरुष अस्पताल