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न्यायालय बाल कल्याण समिति के तीन सदस्यीय समिति ने सेंट एंथोनी बाराबंकी के प्रधानाचार्य जेराल्ड डिसूजा को नर्सरी की छात्रा सिदरा फातिमा से मित्र भाव व्यवहार अपनाने तथा स्कूल में उसकी उपस्थित व ठहराव सुनिश्चित कराने के आदेश दिए हैं।
आदेश में कहा गया है कि मासूम छात्रा का स्कूल में मन लगने तक लंच के समय उसकी बुआ और स्कूल की शिक्षिका राना परवीन/ साहिला नसरीन को छात्रा के साथ लंच करने की अनुमति प्रदान करें।
न्यायालय बाल कल्याण समिति के सदस्य/न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शशि जायसवाल, सुरेश चंद्र गुप्ता और रत्नेश कुमार से मो. अतहर ने प्रार्थना पत्र में अनुरोध किया था कि मेरी पुत्री सिदरा फातिमा जो सेंट एंथोनी स्कूल में नर्सरी की छात्रा है उसके साथ कॉलेज के प्राधानाचार्य जेराल्ड डिसूजा ने उससे किसी से मिलने पर रोक लगा दी है, लंच के समय वह अपनी बुआ व शिक्षिका राना परवीन के साथ लंच करती थी।
रोक के बाद प्रधानाचार्य की सख्ती और आया को बच्चों को मारने के डर से दो माह से स्कूल नहीं जा रही थी। तीनों सदस्यों ने दूरभाष पर प्रधानाचार्य जेराल्ड डिसूजा को स्कूल में बाल मित्र व्यवहार के वातावरण का निर्माण कराने के साथ ही छात्रा को लंच उसकी बुआ के साथ कराने को कहा था।
लेकिन इस पर कोई अमल न होने के कारण तीनों सदस्यों ने बुधवार को एक आदेश पारित कर आवश्यक कार्रवाई हेतु जिलाधिकारी बाराबंकी, जिला प्रोबेशन अधिकारी बाराबंकी, विशप जेराल्ड मैथिस कैथेड्रिल चर्च स्कूल हजरतगंज लखनऊ व प्रधानाचार्य जेराल्ड डिसूजा को उक्त आदेश का अनुपालन कराने को कहा है।