बाराबंकी। गैर प्रांत से भारतीय नस्ल की दो गाय ले आइए, 80 हजार रुपये की सब्सिडी आपके खाते में आ जाएगी। लेकिन ध्यान रहे, चयन पत्र मिलने के दो महीने के भीतर गाय नहीं लाए तो मौका हाथ से निकल जाएगा और प्रतीक्षा सूची वाले बाजी मार लेंगे।
डीआरडीए सभागार में मंगलवार को आयोजित बैठक में नोडल अधिकारी पीके वर्मा ने जब नंद बाबा दुग्ध मिशन योजना की शर्तें दोहराईं तो मौजूद 73 आवेदकों की धुकधुकी बढ़ गई। मौका था मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के तहत ई-लॉटरी से लाभार्थियों के चयन का।
जिलाधिकारी ईशान प्रताप के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी न्यायिक राजकुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित डिस्ट्रिक्ट एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में ई-लॉटरी होते ही 28 लाभार्थियों के चेहरे खिल उठे। पोर्टल पर आए 320 आवेदनों में से सत्यापन के बाद 304 बचे थे। इसमें 101 महिला, 203 पुरुष पात्र पाए गए थे, जिनमें से 14 महिला व 14 पुरुष लाभार्थियों का अंतिम चयन हुआ।
योजना के तहत चयनितों को प्रदेश के बाहर से गिर, साहीवाल, हरियाणा या थारपारकर नस्ल की दो गायें खरीदकर लानी होंगी। साथ ही बीमा व इयर टैगिंग कराना अनिवार्य होगा। दस्तावेज पूरे होने पर प्रति गाय 40 हजार, यानी कुल 80 हजार रुपये का अनुदान यूपी सरकार देगी। नोडल अधिकारी ने स्पष्ट किया कि दो माह में गोवंश न लाने पर चयन स्वत निरस्त हो जाएगा और वेटिंग वाले को मौका मिल जाएगा। इस मौके पर सीवीओ डॉक्टर विनोद कुमार यादव भी मौजूद रहे।