बाराबंकी। सुरक्षित सफर के लिए यातायात नियमों का पालन करने की तमाम नसीहत के बाद भी लोग बिना हेलमेट व सीट बेल्ट के वाहन चलाते हैं। ऐसा ही कुछ हाल मोबाइल बैंकिंग व यूपीआई का प्रयोग करने वाले लोगों का भी है। तमाम चेतावनी के बाद भी साइबर ठगों की तरफ से दी जाने वाली लालच में फंस कर लोग अपनी मेहनत की कमाई डूबो देते हैं। पुलिस का काफी समय इसी से निपटने में लग जाता है। ऐसे में अगर हर नागरिक जागरूक बन जाएं तो पुलिसिंग भी काफी हद तक दुरुस्त हो सकती है। यह बात सीओ सदर सुमित त्रिपाठी ने कही।
वह शुक्रवार को सतरिख स्थित टीआरसी लॉ काॅलेज के सभागार में आयोजित पुलिस की पाठशाला में विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। कहा कि आम आदमी के जागरूक होने से कानून व्यवस्था भी बेहतर बनेगी। पुलिस की पाठशाला में पुलिस व नागरिक के कर्तव्य व साइबर क्राइम विषय पर खुलकर चर्चा हुई। सीओ ने इसमें मौजूद विधि के विद्यार्थियों से कहा कि आप सब भी आगे चलकर कानूनविद बनकर इस व्यवस्था का अहम हिस्सा बनेंगे। पुलिस पर बहुत जिम्मेदारियां है तो नागरिकों के भी कई अहम कर्तव्य है। सब अपने अधिकाराें व कर्तव्य के प्रति सचेत हो जाए तो समाज में काफी सकारात्मक व सुखद बदलाव आ सकता है। इसी से पुलिसिंग भी दुरुस्त बनेगी।
सीओ ने कहा कि वर्तमान में साइबर क्राइम सभी के लिए चुनौती बनता जा रहा है। इससे बचाव के लिए बस अंजान लोगों पर विश्वास करना छोड़ना होगा। सतरिख के थानाध्यक्ष अमर कुमार चौरसिया ने बताया कि आज पुलिस की ऑनलाइन एफआईआर से पीड़ितों के मोबाइल नंबर निकाल कर भी साइबर ठगी की जाने लगी है। जागरूक रहकर ही इससे बचाव संभव है। कॉलेज के प्रबंधक सुजीत चतुर्वेदी ने कहा कि समाज की बेहतरी के लिए ऐसे आयोजन प्राथमिकता के आधार पर हो। इस आयोजन के लिए अमर उजाला फाउंडेशन बधाई का पात्र है। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक मंजय यादव, नवीन सिंह, अमजद अंसारी, वीर विक्रम सिंह सहित काफी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।