बाराबंकी। अपर सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार ने दहेज उत्पीड़न और दहेज हत्या के एक मामले में सुनवाई के बाद निर्णय सुनाते हुए आरोपित पति, सास और ससुर को घटना में दोषी पाया। न्यायालय ने तीनों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास तथा प्रत्येक को 18 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
मृतका के भाई मोनू चौहान निवासी ग्राम कटघरा, थाना फतेहपुर ने 15 जुलाई 2022 को थाना कोतवाली नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि उसकी बहन पूनम का विवाह 20 मई 2022 को रानू निवासी ग्राम रसूलपुर गदिया थाना कोतवाली नगर के साथ हुआ था। पूनम जिस दिन से ससुराल विदा होकर गई, तभी से पति रानू, ससुर रामसरन, सास सुशीला, ननद रेनू और सीनू, देवर भानु और छोटकन्नू कम दहेज का ताना देकर उसे प्रताड़ित करने लगे थे। बहन जब मायके आती थी, तब यह सारी बातें बताती थी।
वादी ने आरोप लगाया कि इसी वजह से उसकी बहन की हत्या पति और उसके घरवालों ने मिलकर कर दी। गांववालों से सूचना मिलने पर जब वह अपने परिजनों के साथ पहुंचा तो देखा कि शव वहां पड़ा था और ससुराल के सभी लोग घर से भाग गए थे। कोर्ट में अभियोजन द्वारा आठ गवाह पेश किए गए। गवाहों के बयान एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने मृतका पूनम के पति रानू, ससुर रामसरन और सास सुशीला को घटना का दोषी पाते हुए सभी को दंडित किया।