बाराबंकी। अपर सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार ने दहेज हत्या के मामले में शुक्रवार को अभियुक्त पति को सात वर्ष की कैद व चार हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। सह आरोपी देवर को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त करार दे दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार लखनऊ जिले की कोतवाली चिनहट के ग्राम बस्ता नगर निवासी हरिश्चंद्र कनौजिया ने अपनी पुत्री लक्ष्मी का विवाह जून 2014 में थाना जैदपुर के ग्राम हरख निवासी अशोक उर्फ टिंकू कनौजिया के साथ किया था। अशोक गोमती नगर विस्तार के पास रहकर कपड़ा प्रेस करने का काम करता था। लक्ष्मी भी उसके साथ ही रहती थी।
पति अशोक, देवर मनोज व ससुराल वाले लक्ष्मी को दहेज की मांग को लेकर परेशान करते थे, मारते-पीटते भी थे। 13 मार्च 2021 को मनोज ने रात में घर वालों को सूचना दी कि लक्ष्मी को सांप ने डस लिया है। सूचना पाते ही परिजन जब वहां पहुंचे तो देखा की लक्ष्मी को चोट लगी है और गले के दोनों हिस्सों पर भी चोट के निशान हैं।
ससुराल वालों ने दहेज के कारण उसकी हत्या कर दी है। पिता ने थाना जैदपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। न्यायालय में गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात न्यायाधीश ने अभियुक्त पति अशोक उर्फ टिंकू को दोषी पाते हुए सात वर्ष की कैद व जुर्माना भुगतने की सजा सुनाई।
-फोटो 58 : कार्यक्रम का शुभारंभ करते मुख्यातिथि डॉ. राजेश कुमार व साथ मौजूद प्राचार्य। स्रोत कॉ