बाराबंकी। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट राकेश यादव ने दहेज हत्या के एक मामले में पति को आजीवन कारावास तथा 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। सास-ससुर को साक्ष्य छिपाने की धारा में दो-दो वर्ष की कैद व पांच-पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया की जनपद लखीमपुर के थाना मितौली के ग्राम उसरी नान पकरिया निवासी गोदावरी ने अपनी पुत्री पम्मी की शादी कोतवाली देवा, ग्राम मोहनपुर निवासी प्रेमशंकर के साथ की थी। घटना से ढाई वर्ष पूर्व हुई शादी में गोदावरी ने काफी उपहार दिया था।
पति प्रेम शंकर व ससुर रामहेत तथा सास रामरती उससे संतुष्ट नहीं थे और आए दिन पम्मी को दहेज के लिए परेशान करते थे व मारते-पीटते भी थे। 25 जून 2015 को उसके दामाद ने पम्मी की मौत होने की सूचना दी जिस पर उसने पहुंचने पर ही शव जलाने को कहा।
गोदावरी जब अपने परिवार के साथ ग्राम मोहनपुर पहुंची तो पता चला कि तीनों लोगों ने उसे मारकर शव बाग में जला दिया है। घटना की रिपोर्ट गोदावरी ने कोतवाली देवा में दर्ज कराई थी। गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात न्यायाधीश ने पति को दहेज हत्या के अपराध में दोषी पाते हुए उम्र कैद व 20 हजार रुपये के जुर्माना तथा सास-ससुर को दो-दो वर्ष की कैद व पांच-पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।