बाराबंकी। देवा-फतेहपुर मार्ग पर सोमवार रात हुए दर्दनाक हादसे में आठ लोगों की मौत के बाद डीएम शशांक त्रिपाठी ने परिवहन, पुलिस और लोक निर्माण विभागों की संयुक्त टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि दुर्घटना के वक्त कार सड़क की दाहिनी तरफ थी, जबकि उसे बायीं लेन में होना चाहिए था।
एआरटीओ अंकिता शुक्ला ने बताया कि यह जांच की जा रही है कि कार अपनी लेन से अलग कैसे चली गई। फिलहाल पुलिस ट्रक चालक की तलाश कर रही है, जिससे पूछताछ के बाद स्थिति स्पष्ट होगी क्योंकि कार में सवार सभी आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी है।
घटना सोमवार रात करीब 10 बजे की है, जब फतेहपुर की ओर से आ रहा ट्रक और बाराबंकी की दिशा में जा रही एक आर्टिका कार आमने-सामने टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखचे च्चे उड़ गए। मृतकों में फतेहपुर के सराफा कारोबारी प्रदीप रस्तोगी, उनकी पत्नी और दो बेटे समेत कुल आठ लोग शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आया कि लखनऊ पंजीकृत ट्रक की फिटनेस जनवरी 2024 से लंबित थी, यानी करीब 21 महीने से उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया था। मौके पर पहुंचे एआरटीओ और पुलिस अधिकारियों ने साक्ष्य जुटाए। अधिकारियों का कहना है कि कार दाहिनी ओर मिली, यह भी संभव है कि टक्कर के बाद दिशा बदल गई हो या ट्रक के दाहिनी ओर आने पर बचाव में चालक ने वाहन मोड़ा हो। देवा कोतवाल अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि ट्रक नीरज गुप्ता नामक व्यक्ति के नाम पंजीकृत है, जो फतेहपुर निवासी हैं। चालक की तलाश जारी है। उसके पकड़े जाने के बाद हादसे की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट होंगी।