बाराबंकी। देखभाल न होने से केडी सिंह बाबू स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए नौ करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया बहुमंजिला हॉस्टल बदहाली का शिकार है। इससे यहां आने वाले खिलाड़ियों को बेहिसाब दुश्वारियों से जूझना पड़ रहा है। देखरेख और रखरखाव के अभाव में इसकी हालत इतनी खराब हो चुकी है कि यहां ठहरने वाले राज्य व राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाएं नसीब नहीं हो पा रहीं।
हॉस्टल के प्रथम तल की फर्श जगह-जगह धंस गई है, खिड़की व दरवाजों के शीशे टूटे पड़े हैं। इससे आंधी व बारिश के दौरान धूल और पानी कमरों में घुस जाता है। खिलाड़ियों के सामान रखने के लिए बनाई गई लकड़ी की रैक में भी दीमक चट कर चुकी है। इससे सामान को सुरक्षित रखने की चिंता भी खिलाड़ियों को सताती रहती है। हॉस्टल में लगी लिफ्ट आज तक चालू नहीं हुई, वहीं अग्निशमन यंत्र भी निष्क्रिय पड़े हैं।
स्टेडियम में प्रैक्टिस के लिए आने वाली खिलाड़ी समीक्षा विश्वकर्मा ने बताया कि स्टेडियम में चेंजिंग रूम तक की व्यवस्था नहीं है। इससे महिला खिलाड़ियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है। खिलाड़ी कृष्ण कुमार मौर्य ने बताया कि असामाजिक तत्व रात में हॉस्टल में शराब पीकर खाली बोतलें छोड़ जाते हैं। रोकने पर यह लोग खिलाड़ियों से मारपीट तक शुरू कर देते हैं। बिल्डिंग के पीछे बने शौचालय इतने गंदे हैं कि कोई भी वहां जाना पसंद नहीं करता है।
आयोजकों को प्रतियोगिताओं से पहले खुद हॉस्टल की सफाई करवानी पड़ती है। खिलाड़ियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए बनाई गई यह इमारत अब खतरे का प्रतीक बन गई है। जिला क्रीड़ाधिकारी राजेश सोनकर ने बताया कि पूर्व में शासन को 32 लाख 13 हजार रुपये की मरम्मत लागत का स्टीमेट भेजा गया था, जो अभी तक स्वीकृत नहीं हुआ। बजट जारी होते ही मरम्मत कार्य कर कमियों को दूर कराया जाएगा।