बाराबंकी। बिना पंजीकरण के अस्पताल का संचालन किया जा रहा था। सीएमओ के आदेश पर बुुधवार को नोडल अधिकारी ने टीम के साथ निरीक्षण किया। जांच के दौरान अस्पताल का न तो पंजीकरण मिला और न ही यहां पर कोई चिकित्सक और स्टाफ मौजूद था। इस पर अस्पताल को सील कर संचालक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। इसके अलावा टीम ने छह और अस्पतालों का निरीक्षण किया और खामियां पाए जाने पर सुधार के निर्देश दिए।
शहर के हैदरगढ़ रोड स्थित ममता नर्सिंग होम एवं सर्जिकल सेंटर का बिना पंजीकरण कराए ही संचालन किया जा रहा था। सीएमओ के आदेश पर बुधवार को नोडल अधिकारी डॉ. राजीव दीक्षित ने विनय तिवारी और कमलेश कुमार के साथ मौके पर पहुंचे। टीम को देख अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। नोडल अधिकारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान यहां पर मौजूद कर्मचारी पंजीकरण से संबंधित कोई प्रपत्र नहीं दिखा सके।
इसके अलावा यहां पर स्टाफ के नाम पर कोई मौजूद नहीं था। बुलाने के बाद भी संचालक अस्पताल तक नहीं आए। इस पर टीम ने अस्पताल को सील करते हुए संचालक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। टीम की इस कार्रवाई से अन्य अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है। वहीं टीम ने इसके अलावा प्रताप हॉस्पिटल, मां हॉस्पिटल, महालक्ष्मी हॉस्पिटल, मैक्स हॉस्पिटल आदि का भी निरीक्षण किया और जो खामियां मिलीं उन्हें तत्काल दूर करने के आदेश दिए।
सभी अस्पतालों के लाइसेंसों की खत्म हो चुकी है वैधता
जिले में करीब दो सौ निजी अस्पताल संचालित हैं। मगर इन सभी की वैधता 30 अप्रैल को समाप्त हो चुकी है। इसके बाद भी नियम विपरीत अस्पतालों का संचालन किया जा रहा है। जबकि अभी तक महज 80 संचालकों ने लाइसेंस नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है।
शिकायत पर अस्पताल की जांच के लिए नोडल अधिकारी के नेतृत्व में टीम भेजी गई थी। जांच में बिना पंजीकरण के ही अस्पताल का संचालन होते पाए जाने पर सील करा दिया गया है और संचालक का नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। अस्पताल संचालकों को निर्देशित किया जाता है कि बिना पंजीकरण या लाइसेंस के नवीनीकरण के अस्पताल का संचालन न करें। निरीक्षण के दौरान ऐसा होते पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. रामजी वर्मा, सीएमओ