बाराबंकी। कोरोना मरीजों से अवैध वसूली करने वाले हिंद और मेयो अस्पताल को नियम विपरीत वसूला गया पैसा वापस करना होगा। एसडीएम सदर द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट के बाद प्रशासन ने इसके आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसके साथ ही अप्रैल और मई माह में कितने मरीजों को भर्ती कर उपचार किया गया है इसका पूूरा ब्योरा तलब किया गया है। ‘अमर उजाला’ ने दोनों अस्पतालों में कोरोना मरीजों से अवैध वसूली की खबर सबसे पहले प्रकाशित की थी।
जांच में पाया गया कि हिंद अस्पताल में 46 और मेयो अस्पताल में 7 कोरोना मरीजों से अवैध वसूली की गई। इसकी खबर सबसे पहले ‘अमर उजाला’ ने प्रकाशित की थी। इसके बाद जिलाधिकारी ने इसकी जांच एसडीएम सदर और एसडीएम फतेहपुर पंकज सिंह को सौंपी।
दोनों अधिकारियों ने बताया कि जांच में ही मामला संदिग्ध मिला और जब प्रपत्रों को कब्जे में लेकर इनकी जांच की गई तो मरीजों से अवैध वसूली की बात सामने आई। जिस पर पूरी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को अग्रिम कार्रवाई के लिए सौंपी गई। कोरोना मरीजों से अवैैध तरीके से वसूली की जांच में पुष्टि होने के बाद जिलाधिकारी ने दोनों अस्पतालों को मरीजों से गलत तरीके से वसूली गई रकम को वापस करने का आदेश जारी किया है।
हिंद और मेयो अस्पतालों में करीब 50 कोरोना मरीजों से गलत तरीके से पैसा वसूला गया। जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद डीएम ने मरीजों को पैसा वापस किए जाने का आदेश अस्पतालों को दिया है। इसके साथ ही दोनों अस्पतालों से अप्रैल और मई में इलाज किए गए मरीजों का ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा गया है।
- अभय कुमार पांडेय, एसडीएम सदर