बख्शी का तालाब। इटौंजा के तुर्की गांव से रहस्यमय ढंग से लापता नवविवाहिता हिमांशी कश्यप के मामले में पुलिस ने उनके पति प्रदीप की कार बरामद कर ली है। प्रदीप 12 जुलाई को परिचित के घर कार खड़ी कर अमरनाथ यात्रा पर जाने की बात कहकर निकला था। पुलिस अब तक प्रदीप और अन्य नामजद आरोपियों का पता नहीं लगा सकी है। हिरासत में लिए गए हिमांशी के ससुर, ननद और भांजे से पूछताछ जारी है।
हिमांशी के लापता होने की खबर मिलने पर प्रदीप के परिचित ने इटौंजा पुलिस से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि प्रदीप की तलाश की जा रही कार उनके घर खड़ी है। मंगलवार की रात पुलिस ने बंथरा के धावापुर इलाके से कार बरामद की। परिचित ने बताया कि प्रदीप ने चारबाग रेलवे स्टेशन की पार्किंग में गाड़ी खड़ी करना असुरक्षित बताया था। आशंका है कि प्रदीप और उसके परिजनों ने कार खड़ी करने से पहले हिमांशी के शव को ठिकाने लगा दिया।
चौथे दिन भी थाने पर डटे रहे मायके वाले
हिमांशी के पिता पवन कश्यप ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बीते चार दिन से वह पूरे परिवार के साथ सुबह होती इटौंजा थाने आ जाते और रात में वापस जाते हैं। अब तक न तो बेटी का शव मिला है और न ही प्रदीप व उसके साथ भागे हुए आरोपियों को पुलिस पकड़ सकी है। इंस्पेक्टर सोबरन सिंह का कहना है कि भागे हुए आरोपियों की तलाश जारी है।
यह है पूरी घटना
सीतापुर की हिमांशी की शादी 26 फरवरी को बिरपुर अटरिया निवासी अधिवक्ता प्रदीप गौड़ से हुई थी। दोनों परिवार के साथ इटौंजा के तुर्की गांव में रह रहे थे। 11 जुलाई की रात हिमांशी ने पिता को फोन कर जान बचाने की गुहार लगाई थी। अगले दिन 14 जुलाई को मायके वाले ससुराल पहुंचे तो घर पर ताला लगा था। सभी के मोबाइल नंबर बंद मिले। पिता पवन की तहरीर पर हिमांशी की सास सुनीता गौड़, ससुर श्रीराम, ननद प्रीति, राखी, जेठ संदीप कुमार, पति प्रदीप और भांजे शिवा के खिलाफ दहेज हत्या की एफआईआर दर्ज हुई। ससुर, ननद और भांजे को हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गए लोगों ने बताया कि हिमांशी ने फंदा लगाकर आत्महत्या की थी। डर के कारण प्रदीप व अन्य लोग उसका शव कार में रखकर कहीं चले गए।