बाराबंकी। गढ़ी सतरही में एसडीएम, यूपीडा और पर्यावरण विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को किसानों के साथ बैठक की। यह बैठक औद्योगिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण के संबंध में हुई। भाकियू ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. हरीराम पाल ने प्रदूषण पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आबादी के करीब होने से गांव वालों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
पर्यावरण विभाग ने दावा किया कि 10 किलोमीटर में कोई वन क्षेत्र नहीं है। हालांकि, किसानों ने टीकाराम धाम और सराय निरहू के जंगल को कॉरिडोर के करीब बताया। किसानों ने ध्वनि प्रदूषण से नुकसान की आशंका व्यक्त की। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र की आबादी से दूरी के मानक की जानकारी भी मांगी।
किसानों ने सर्किल रेट न बढ़ने का मुद्दा उठाया। वर्ष 2015 से 2026 तक पांच गांवों का सर्किल रेट नहीं बढ़ा है। वर्ष 2010 में अंदऊमऊ गांव का सर्किल रेट 8 लाख रुपये था। यह 2015 तक बढ़कर 17 लाख रुपये हो गया था। बम्हरौली का सर्किल रेट 22 लाख रुपये और सतरही का 20 लाख रुपये हो गया था। बहरामपुर का सर्किल रेट भी 22 लाख रुपये हो गया था।
किसानों ने मांग की कि बची हुई 86 हेक्टेयर भूमि को छोड़ दिया जाए। शेष जमीन पर ही उद्योग लगाए जाएं। उन्होंने यह भी मांग की कि भूमि देने वाले किसानों को सरकारी नौकरी दी जाए। बैठक में यशोधर, माता बदल, नान बाबू, राम तीरथ, महेश, दुरई तिवारी, शिवमंगल, अब्दुल रहमान, दीन मोहम्मद, आनंद सिंह और प्रधान राजन सिंह सहित कई किसान मौजूद रहे।