अखैय्यापुर गांव में जेट्रोफा फल खाने से बीमार होने के बाद सीएचसी पहुंचे बच्चे । -संवाद
त्रिवेदीगंज (बाराबंकी)। विकास खंड क्षेत्र त्रिवेदीगंज में रविवार शाम मवेशी चराने गए 12 बच्चों ने जेट्रोफा फल का सेवन कर लिया। इससे सभी की तबीयत बिगड़ गई। उल्टियां होने लगीं और चक्कर आने लगे। आनन-फानन परिजन बच्चों को लेकर सीएचसी पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालांकि परिजन बच्चों को अपनी जिम्मेदारी पर घर लेकर चले गए। देर शाम कुछ बच्चों को अलग-अलग निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
त्रिवेदीगंज की ग्राम पंचायत अखैय्यापुर में रविवार शाम करीब 12 बच्चे जंगल की ओर मवेशी चराने के लिए गए थे। वहां बच्चों ने जेट्रोफा का फल लगा देखा और जानकारी के अभाव में जहरीले फल का सेवन कर लिया। इसके कुछ ही देर बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी।
किसी को उल्टी आने लगी तो किसी को चक्कर, दस्त और मतली आ रही थी। इस पर बच्चे अपने घर पहुंचे। एक साथ इतनी बड़ी तादाद में बच्चों की तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। इनमें विजय (9), विवेक (7), रितिक (5), रोशन (4), लक्ष्मी (3), राज (7), पुष्पेंद्र (12), प्रियांशु (12), दीपांशु (8), लवकुश (10), हिमांशी (10) व दीपांशी (8) समेत अन्य शामिल रहे।
परिजन सभी को सीएचसी त्रिवेदीगंज ले गए। वहां डॉ. मनोज वर्मा ने बच्चों का प्राथमिक उपचार किया। एहतियातन बच्चों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया लेकिन परिजनों ने जिला अस्पताल ले जाने से इनकार कर दिया। इस पर सीएचसी में परिजनों से बच्चों को स्वयं की जिम्मेदारी पर घर ले जाने की बात लिखित में ली गई और तबीयत बिगड़ने पर फौरन अस्पताल लाने की बात कही।
देर शाम कुछ बच्चों की तबीयत बिगड़ी तो परिजनों ने भिलवल व मंगलपुर के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया। अधीक्षक डॉ. हरिप्रीत सिंह ने बताया कि 24 घंटे तक असर रहता है। इसलिए बच्चों को जिला अस्पताल रेफर किया गया था लेकिन परिजन अपनी जिम्मेदारी पर घर ले गए हैं।