एफएसडीए की ओर से भरे गए चावल, अरहर दाल और टोमैटो सॉस के नमूने जांच में फेल हो गए हैं। इनमें सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले घातक पदार्थों के मिलाने की पुष्टि जांच रिपोर्ट में हुई है। वहीं, अन्य कई खाद्य पदार्थों के नमूने जांच में मिथ्याछाप और अधोमानक मिले हैं। इस पर इनके विक्रेताओं के खिलाफ एडीएम कोर्ट में वाद दायर किया जाएगा।
प्रतापगंज स्थित आलोक की राइस मिल से भरा गया चावल का नमूना जांच में असुरक्षित मिला है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक चावल में गंदगी व कीडे़ पाए गए हैं। हैदरगढ़ के ठठराही से बृजेश की दुकान से भरा गया अरहर की दाल का नमूना की जांच में खेसारी और कलर मिला होने की पुष्टि हुई है।
खेसारी युक्त दाल का सेवन करने से इंसान कभी भी पैरालाइज की चपेट में आ सकता है। कानून गोयान स्थित विकास इंटरप्राइजेज से भरा गया टोमैटो सॉस का नमूना भी जांच में फेल हो गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद सभी विक्रेताओं के खिलाफ अदालत में वाद दायर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
होली के दौरान विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान चलाया था। इस दौरान डीएम आवास के सामने बने ईजी-डे मॉल से तीन नमूने भरे गए थे। यह तीनों नमूने जांच में खरे नहीं उतरे हैं। एफएसडीए की टीम ने यहां से रेडबुल एनर्जी ड्रिंक जांच में मिथ्या छाप पाया गया है। यहीं से भरा गया पान ब्रांड बेसन के नमूने में मटर की मिलावट पाई गई है। शुगर फ्रेश एंड पेवर न्यूट्रीन नामक शहद में शक्कर की मात्रा ज्यादा पाए जाने पर इसे अधोमानक बताया गया है।
इसके अलावा यूपीएसआईडीसी स्थित गरोडिया इंडस्ट्रीज से स्वाद ब्रांड बेसन के नमूने में मटर की मिलावट पाए जाने पर इसे अधोमानक बताया गया है। घुंघटेर स्थित जितेंद्र की दुकान से भरा गया दिलबाग पान मसाले का नमूना भी अधोमानक मिला है। मो. तलहा की दुकान से भरा गया दानेदार चाय के नमूने में लेवलिंग पैकेजिंग सही नहीं पाई गई है, जिस पर इसे मिथ्या छाप बताया गया है। भिटरिया के सुरेंद्र की दुकान से भरा गया किसमिस का नमूना भी जांच में मिथ्या छाप पाया गया है। लखपेडाबाग के ओम शंकर की अन्नपूर्णा ब्रांड नमकीन में भी लेवलिंग पैकेजिंग सही नहीं पाए जाने पर मिथ्या छाप बताया गया है। टिकैतनगर के मौर्या उद्योग से भरा धनिया पाउडर का नमूना, सीतापुर के रहने वाले कमलेश से सफेदाबाद के पास भरा गया दूध का नमूना भी अधोमानक पाया गया है।
अभिहीत अधिकारी, एफएसडीए मनोज कुमार वर्मा ने कहा कि एक दर्जन से ज्यादा नमूनों की जांच रिपोर्ट आ गई है। इनमें तीन नमूने चावल, दाल और टोमैटो सॉस के असुरक्षित पाए गए हैं। जिस पर इनके विक्रेताओं के खिलाफ वाद दायर किया जाएगा। वहीं, जो नमूने मिथ्या छाप और अधोमानक पाए गए हैं, उनके विक्रेताओं के खिलाफ न्याय निर्णायक अधिकारी की अदालत में वाद दायर किया जाएगा।