बेलहरा (बाराबंकी)। घाघरा नदी का जलस्तर भले ही तेजी के साथ घट रहा हो, लेकिन सूरतगंज क्षेत्र में नदी का पानी तेजी से कटान कर रहा है। घाघरा के पानी की चपेट में कचनापुर का प्राथमिक विद्यालय भी आ गया है। विद्यालय की आधी बिल्डिंग घाघरा में लटक गई है जिससे तराई में हड़कंप मच गया। आनन-फानन प्रशासन ने विद्यालय के बच्चों को दूसरे स्कूल में शिफ्ट कर दिया है जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। इसके अलावा नदी का पानी आधा दर्जन गांवों के किनारे तक पहुंच गया है।
नदी का पानी कचनापुर के पास कटान कर रहा है जिससे यहां पर बने प्राथमिक विद्यालय कचनापुर के पीछे का कुछ भाग कटान की चपेट में आ गया है। ग्रामीणों की मानें तो विद्यालय की आधी बिल्ंिडग घाघरा नदी में लटक गई है जिसके चलते इस विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को दूसरे विद्यालयों में भेज दिया गया है। नदी द्वारा कटान किए जाने से किनारे बसे गांवों के लोगों में हड़कंप मच गया है। इसके अलावा कचनापुर, श्रमगौडा, हेतमापुर और परसंडा समेत आधा दर्जन गांव की ओर नदी का पानी बढ़ रहा है जिससे यहां के लोग दहशत में हैं। इन गांवों के निवासी मो. अकरम, बफाती, रियाजुद्दीन, इकबाल, शमसुद्दीन, अली अहमद, गुलाम वारिस आदि का कहना है कि नदी का पानी घटने के साथ ही कटान शुरू हो जाती है। हम लोगों को पहले से ही इस बात की आशंका थी कि नदी का पानी जैसे घटेगा नदी कटान करना शुरू कर देगी और यही हुआ भी। नदी का पानी कचनापुर के निकट कटान कर रहा है जिसे यहां का प्राथमिक विद्यालय भी इसकी चपेट में आया गया है। जानकारी मिलते ही तहसीलदार रामनगर प्रेम कुमार मौर्या मौके पर पहुंचे और कटान वाले स्थान का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को कटान रोकने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने वहां के ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी समस्या को सुना तथा निराकरण का आश्वासन दिया है।