बाराबंकी। मौसम में आए बदलाव के चलते अस्पतालों में मरीजों की भीड़ जुट रही है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में संचालित अस्पतालों में तैनात चिकित्सक पूरी तरह से मनमानी कर रहे हैं। शुक्रवार को अवकाश होने की वजह से अस्पतालों की ओपीडी आधे दिन की रही। रामसनेहीघाट और जहांगीराबाद सीएचसी पूरे दिन बंद रही। यहां पर तैनात चिकित्सक और कर्मचारी पूरे दिन नजर नहीं आए। इससे इलाज के लिए आए मरीज निराश होकर वापस लौट गए।
अयोध्या हाईवे बार्डर की प्रमुख सीएचसी रामसनेहीघाट है। शुक्रवार यहां पर ताला लटक रहा था। इलाज के लिए आए राकेश, हरभजन, गौरीशंकर ने बताया कि बुखार से पीड़ित होने पर इलाज के लिए आए थे लेकिन ताला बंद होने की वजह से वापस लौटना पड़ा। जानकारी पर बताया गया कि अवकाश की वजह से अस्पताल बंद है। कुछ ऐसा ही नजारा सीएचसी जहांगीराबाद का भी देखने को मिला।
यहां पर भी ताला लटक रहा था। इलाज के लिए गोविंद, राजकुमार, सीता देवी, शांति ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से बुखार आ रहा निजी चिकित्सक से इलाज चल रहा था लेकिन कोई सुधार न होने पर सीएचसी दवा लेने आए थे। यहां पर ताला लटक रहा था। एसीएमओ प्रशासन डॉ. डीके श्रीवास्तव ने बताया कि सभी अस्पतालों में ओपीडी आधे दिन की है। यदि दोनों अस्पताल बंद है तो इसकी जांच कराकर वहां के अधीक्षकों से जवाब तलब किया जाएगा।
आधे दिन की ओपीडी में परेशान रहे मरीज
जिला अस्पताल की ओपीडी में करीब 1209 मरीज देखे गए। आधे दिन की ओपीडी में इलाज के लिए मरीजों को भीड़ के चलते काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इलाज के लिए सर्वेश, सौरभ और इस्माइल ने बताया कि घंटों लाइन में लगने के बाद इलाज और दवा मिल सकी। सीएमएस डॉ. जेपी मौर्य ने बताया कि मौसम में बदलाव के चलते मरीजों की संख्या बढ़ी है। सभी को इलाज मिले इसका पूरा प्रयास रहता है।