हैदरगढ़। स्थानीय कस्बा अतिक्रमण से कराह रहा है। अतिक्रमण हटाने की सारी कोशिशें विफल साबित हुई हैं। कस्बे के अंदर से ज्यादा अतिक्रमण कस्बे के बीच से निकले लखनऊ-सुल्तानपुर मार्ग के किनारे की पटरियों पर है। पटरी पर अतिक्रमणकारियों में पुलिस स्वयं आगे है।
कस्बे में लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे के दो किलोमीटर क्षेत्र में दुकानदार टिन शेड और तिरपाल लगाकर काबिज हैं। शेष जमीन पर पटरी दुकानदारों का कब्जा है। फायर स्टेशन से कोतवाली के बगल नहर पुल तक पुलिस ने सीज किए व हादसे में क्षतिग्रस्त वाहनों को खड़ा कर आधी सड़क स्थायी तौर पर अवरुद्ध कर दी है। सीओ आवास, पुराना उप निबंधक कार्यालय और पुरानी तहसील तक बाइक व अन्य वाहन पूरे दिन सड़क पर खड़े रहते हैं।
सीओ कार्यालय से मुख्य चौराहा और कस्बा पुलिस चौकी तक टैक्सी, ऑटो और परिवहन निगम की बसें सड़क पर सवारियां बैठाने के लिए रास्ता रोक कर खड़ी होती हैं। जिला पंचायत मार्केट के सामने, कांशीराम कॉलोनी गेट, पोस्ट ऑफिस, हनुमान मंदिर, मस्जिद, पानी टंकी गली, सब्जी मंडी गली, रामेश्वरम शिवालय मार्ग, सुबेहा तिराहा से लेकर सार्वजनिक विद्यालय के आगे तक फुटपाथ पर दुकानें सजती हैं और खरीदार अपने वाहन सड़क पर खड़ा करते हैं।
फोरलेन में दोनों ओर की आधी-आधी सड़क अवरुद्ध होने से पूरे दिन कस्बे में जाम की स्थिति बनी रहती है। सुबेहा तिराहा, मुख्य चौराहा व अवसानेश्वर मोड़ के पास हालात बहुत खराब हैं। प्रभारी निरीक्षक अभिमन्यु मल्ल का कहना है कि चौराहे पर यातायात व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात रहता है। एनएचएआई और नगर प्रशासन ने कुछ सप्ताह पहले अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान चलाया था।