बाराबंकी। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हुए 15 दिन बीत चुके हैं लेकिन प्रशासक के रूप में तैनात किए गए एडीओ पंचायत के खाते अभी तक नहीं खोले जा सके हैं। ऐसे में पूर्व में कराए गए विकास कार्यों का लंबित भुगतान अटकने के साथ काम भी प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि जिम्मेदार अधिकारी इस बात से साफ तौर पर इंकार कर रहे हैं।
पिछले माह की 25 तारीख को ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने के बाद गांवों के विकास का जिम्मा जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह ने एडीओ पंचायत और एडीओ आईएसबी को प्रशासक के रूप में सौंपी थी ताकि ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ मिलने के साथ ही गांव के विकास में भी तेजी बनी रहे। लेकिन कार्यकाल समाप्त होने के बाद 15 दिन बीत जाने के बाद भी कई ब्लॉकों के प्रशासक के रूप में तैनात एडीओ पंचायत का बैंक खाता नहीं खुल सका है।
इसके चलते प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने से पूर्व कराए गए विकास कार्यों में खर्च का भुगतान और वर्तमान समय में विकास कार्य अटके हुए हैं। हालांकि इस संबंध में जिम्मेदार अधिकारी इस बात से साफ इंकार कर रहे हैं। इसके साथ ही जिले के 15 विकास खंडों में तैनात एडीओ पंचायत के डोंगल तैयार किए जाने का दावा भी अधिकारी कर रहे हैं।
26 दिसंबर से तैनात हैं प्रशासक
जिले के बंकी, देवा, मसौली, सिद्धौर, त्रिवेदीगंज, दरियाबाद, पूरेडलई और बनीकोडर विकासखंड में सहायक विकास अधिकारी पंचायत तो हरख, फतेहपुर, निंदूरा, सूरतगंज, सिरौलीगौसपुर, रामनगर और हैदरगढ़ में एडीओ आईएसबी (उद्योग सेवा व्यवसाय) बीते 26 दिसबंर से कार्यरत हैं।
अगर किसी ब्लॉक में प्रशासक के रुप में तैनात एडीओ का बैंक खाता नहीं खुला है तो इस संबंध में डीपीआरओ से जानकारी की जाएगी। और इसका कारण भी पूछा जाएगा। सभी को डोंगल बन चुके हैं।
-केके सिंह, प्रभारी सीडीओ, बाराबंकी