बाराबंकी। चंद्रशेखर आजाद रावण ने कहा कि यह वही बाराबंकी है जहां से ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई का रिश्ता है। शेरदिल खामनेई से जब कहा गया कि उनकी जान खतरे में है तो उन्होंने कहा कि पहले नौ करोड़ जनता की रक्षा हो। उससे मैं भी प्रेरित हुआ। जिस तरह से खामनेई ने बहादुरी दिखाते हुए शहादत कबूल की। उस तरह से मेरे साथ खड़े हो जाओ तो 2027 में भाजपा को उखाड़ फेंकेंगे।
चंद्रशेखर ने कहा कि हमारी सरकार बनी तो पहली कैबिनेट में ही सभी खाली पद भरेंगे। लाखों युवाओं के लिए नौकरियों की घोषणा की जाएगी। ब्लॉक स्तर पर आवासीय विद्यालय, कोचिंग, पंचायत स्तर पर पुस्तकालय, पुलिस कर्मियों के लिए आठ घंटे की ड्यूटी व सप्ताह में एक अवकाश देने, बॉर्डर स्कीम समाप्त करेंगे। आंगनबाड़ी, आशा, पंचायत सहायक, होमगार्ड और पीआरडी कर्मियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने का वादा किया।
चमड़ा उतारना जानते हैं, जूता बनाना भी
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि सत्ता का संरक्षण के कारण उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही थीं कि बाराबंकी में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा, लेकिन वह चमड़े की चप्पल पहनकर यहां पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि भीम आर्मी का झंडा और डंडा दोनों मजबूत हैं, हम चमड़ा उतारना भी जानते है और उसे जूता बनाना और सिर पर पटकना भी जानते हैं। दरअसल, करणी सेना के पदाधिकारी द्वारा कार्यक्रम का विरोध करते हुए कहा गया था कि चंद्रशेखर आजाद ने देवी देवताओं के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है।
बाराबंकी आते समय पत्थर से हुआ हमला
सांसद ने मंच से दावा किया कि बाराबंकी आते समय पुल पर उनकी गाड़ी पर पत्थर फेंके गए। इसे उन्होंने मुख्यमंत्री की साख और पुलिस के इकबाल पर हमला बताया। वह जो तुर्रमखां वाले भाषण देते हैं, उनके भाषण पर हमला है। हालांकि पुलिस ने ऐसे किसी हमले को सिरे से ही खारिज किया।