फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ग्लैंडर्स रोगी घोड़े को  दी गई सजा-ए-मौत

Sun, 22 Jul 2018 11:49 PM IST
Amarujala Bureau
विज्ञापन
घोड़े में संक्रमण - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

डिघांवा गांव में एक घोड़े में खतरनाक ग्लैंडर्स रोग मिलने पर शनिवार की देर शाम तीन सदस्यीय चिकित्सकों की टीम ने घोड़े को खत्म करने के बाद उसके शव को गहरे गड्ढे में दफना दिया गया। चिकित्सकों ने बताया कि क्षेत्र में छह माह के अंदर तीन घोड़ों में यह खतरनाक रोग पाया गया है। इसलिए अक्तूबर में क्षेत्र के सभी घोड़ों को ब्लॅड सैंपल हिसार अनुसंधान केंद्र भेजा जाएगा। मालिक को मुआवजे की धनराशि दे दी जाएगी।        

विज्ञापन



सिद्घौर ब्लॉक के डिघांवा गांव निवासी इसरार पुत्र कल्लू के घोड़े में ग्लैंडर्स रोग की पुष्टि हो गई थी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद टीम ने घोड़े को यूथेलॉइज (जान से मारने) के लिए शनिवार को सुबह घोड़े के मालिक इसरार से सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कराया था। देर शाम पशु चिकित्साधिकारी केसरगंज डॉ. शैलेंद्र सोनकर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम डॉ. नीरज वर्मा व डॉ. शकील अहमद डिघावां पहुंचे और घोड़े को गांव के बाहर ले जाकर इंजेक्शन से यूथेलॉइज कर दिया।

इससे पूर्व चिकित्सकों की टीम ने गहरा गड्ढा खोदकर चूना व नमक डालकर सारी तैयारियां पूरी कर ली। शाम साढ़े छह बजे घोड़े को मारने के बाद दफना दिया गया। डॉक्टरों ने बताया कि करीब छह माह पूर्व इसी गांव के ही मोहब्बत अली के घोड़े में यह रोग पाया गया था। वहीं इसरार का एक घोड़ा ग्लैंडर्स रोग से ग्रसित होने की वजह से मार्च में उसकी मौत हो चुकी है। घोड़ा मालिक को मुआवजे के तौर पर 25 हजार रुपये दिए जाएंगे।        

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें