नेपाल द्वारा सवा लाख क्यूसेक पानी घाघरा में छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। नदी का बढ़ता जलस्तर देख तराई वासियों में हड़कंप मच गया है वहीं प्रशासन ने बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को पूरी तरह से सतर्क रहने का आदेश दिया है।
घाघरा नदी का पानी खतरे के निशान पर पहुंच गया है। नदी का पानी धीरे-धीरे खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है जिससे तराई में एक बार फिर से हड़कंप मच गया है। सूत्र बताते हैं कि नेपाल द्वारा बृहस्पतिवार को घाघरा नदी में सवा लाख क्यूसेक पानी छोड़ने के बाद नदी जलस्तर खतरे के निशान की और बढ़ने लगा है। तराई के लोगों का कहना है कि नदी का पानी जब भी बढ़ता है हम लोगों की धड़कने बढ़ जाती हैं।
क्योंकि नदी का पानी जब तक गांवों में भरा रहता है तब तक हम लोगों की रातें परिवारीजनों और मवेशियों के साथ बंधे पर ही गुजरती है। नदी का पानी गृहस्थी का सारा सामान अपने साथ बहा ले जाती है जिससे लोगों के सामने दो वक्त की रोटी और मवेशियों के चारे का संकट खड़ा हो जाता है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को सतर्क कर दिया गया है। इस बाबत अधिशासी अभियंता बाढ़ उत्कर्ष भारद्वाज का कहना है कि नेपाल पानी छोड़ता नहीं बल्कि उसकी नदियों से पानी हर समय डिस्चार्ज होता रहता है। मौजूदा समय मे सवा लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ जिससे नदी का जलस्तर बढ़ने की सूचना मिली है।