गोमती नदी में पानी इतना दूषित हो चुका है कि उसमें रहने वाले जलजीव तक सुरक्षित नहीं। राजधानी के निकट क्षेत्र की सीमा में इब्राहिमाबाद के निकट काले पड़ चुके पानी में तमाम मछलियां मर गईं। क्षेत्रीय लोग नदी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर चिंतित है।
लखनऊ से होकर निकली गोमती पुरातन काल से आदि गंगा के तौर पर जनमानस के आस्था का केंद्र है तथा कई जिलों से होकर गाजीपुर में गंगा नदी में मिल जाती है। गोमती के जल को शुद्ध कर प्रदूषण मुक्त करने के दावे कई बार किए गए लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। लखनऊ से चलकर जिले में प्रवेश करते ही इब्राहिमाबाद पुल के निकट गोमती का पानी पूरी तरह से काला पड़ चुका है।
दुर्गंध के चलते खड़ा होना मुश्किल होता है तथा प्रदूषण के चले नदी में मछलियां मर रहीं है। बुधवार को नदी के पानी पर तैरती सैंकड़ो मरी मछलियों को देखकर ग्रामीणों ने मवेशियों को पानी से दूर ही रखा। बृहस्पतिवार को भी नदी के दूषित पानी व मरे जल जीवों के चलते उठती दुर्गंध के कारण लोगों को वहां खड़े तक होने में मुश्किल होती है। एसडीएम संतोष कुमार ने कहा नदी में प्रदूषण के चलते मछलियों के मरने की जानकारी नहीं है। हलका लेखपाल को भेजकर मौके की जांच कराई जाएगी।