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घाघरा लाल निशान पार, तीन गांव खतरे में

Thu, 14 Jul 2016 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
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घाघरा लाल निशान पार - फोटो : अमर उजाला
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घाघरा नदी का पानी खतरे के निशान को पार कर गया है। बृहस्पतिवार को नदी का पानी खतरे के निशान से दस सेमी ऊपर बहने लगा है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देख तराई में हड़कंप मच गया है।
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वहीं टिकैतनगर क्षेत्र के तीन गांवों में पानी पहुंचने के बाद यहां के लोग परिवारीजनों के साथ बंधे पर शरण लिए हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि बाढ़ पीड़ितों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। नदी के जलस्तर पर बराबर नजर रखी जा रही है। 

घाघरा नदी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार को पहली बार खतरे के निशान से दस सेमी ऊपर पहुंचा है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान 106.076 से 106.176 मीटर पर पहुंच गया है।
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दी का जलस्तर बढ़ने से तराई क्षेत्र रामनगर, सूरतगंज, सिरौलीगौसपुर और टिकैतनगर क्षेत्र के गांवों में हड़कंप मच गया हैहालांकि रामनगर क्षेत्र में नदी के बढ़ते जलस्तर का असर अभी नहीं दिखाई दे रहा, लेकिन टिकैतनगर क्षेत्र के तीन गांवों परसावल, नैपुरा और मांझारायपुर में इसका असर जरूर दिखने लगा है।

नदी का पानी पहले ही इन तीन गांवों में पहुंच गया था लेकिन बृहस्पतिवार को जिस तेजी के साथ पानी गांवों में प्रवेश कर रहा था उससे साफ है कि रात तक तीनों गांव नदी के पानी से पूरी तरह से लबालब हो जाएंगे। 

आश्वासन देकर चले जाते अधिकारी
बंधे पर परिवारीजनों के साथ जीवन गुजार रहे गया प्रसाद, जंगबहादुर, रमेश, रामगोपाल आदि का कहना है कि नदी का पानी तेजी के साथ गांवों में प्रवेश करने लगा है। यही हाल रहा तो नदी का पानी रात तक गांवों को पूरी तरह से घेर लेगा। इन लोेगों का कहना है कि प्रशासनिक अमला बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है। अधिकारी आते हैं और राहत उपलब्ध कराने का आश्वासन देकर चले जाते हैं। 

कम होगा प्रभाव
रामनगर क्षेत्र के तराई इलाका इस बार नदी के पानी से उतना ज्यादा प्रभावित नहीं होगा जितना की हर साल होता रहा है। क्योंकि यहां के लोगों को नदी के जल के प्रकोप से बचाने के लिए बांध बना दिया गया है। इस बांध की वजह से ही नदी का पानी सबसे पहले प्रभावित होने वाले गांवों तक नहीं पहुंच सकेगा। 

घाघरा नदी का पानी खतरे के निशान से दस सेमी ऊपर पहुंच जाने की बात जानकारी में हैं। बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को पूरी तरह से मुस्तैद कर दिया गया है। प्रभावित क्षेत्रों के एसडीएम को नदी के जलस्तर पर नजर रखने के आदेश दिए गए हैं। बाढ़ पीड़ितों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है। -हरिकेश चौरसिया, अपर जिलाधिकारी

डीएम व एसपी ने तटबंध का लिया जायजा
बाराबंकी। जिलाधिकारी अजय यादव ने पुलिस अधीक्षक अब्दुल हमीद के साथ एलिगभन चरसरी तटबंध का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि नदी का जलस्तर पहले ही अपेक्षा काफी बढ़ गया है। जिस पर उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

इस दौरान बांध को बचाने के लिए बनाए जा रहे स्परों के कार्य को देखा और कार्य में तेजी लाने के आदेश बाढ़ खंड के अधिकारियों को दिए। साथ ही यह भी चेतावनी दी की यदि बांध को जरा भी नुकसान पहुंचा तो संबंधित विभाग के अधिकारी इसका खामियाजा भुगतने को भी तैयार रहें। स्परों के निर्माण में किसी प्रकार की कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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