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सोलर पावर हाउस और जैविक खाद के प्रयोग का मॉडल बनेगा चक गंजरिया फार्म

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बाराबंकी। प्रदेश सरकार के पशुधन मंत्री ने कहा कि चक गंजरिया फार्म देश में एक मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां सोलर और गोबर गैस प्लांट स्थापित किया जाएगा। गोबर गैस प्लांट से जैविक खाद तैयार कर खेती की जाएगी। उन्होंने यहां हैचरी प्लांट का निरीक्षण किया तथा साहीवाल गायों को सेव और गुड़ खिलाकर उनकी सेवा की।
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पशुधन मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी बुधवार को जहांगीराबाद क्षेत्र स्थित चक गंजरिया फार्म (नेबलेट फार्म) का निरीक्षण करने पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने पूरे फार्म का निरीक्षण किया। फार्म पर करीब आठ सौ नब्बे गायें और गौवंश इस समय मौजूद हैं। इसके साथ ही उन्होंने एंब्रोयो ट्रांसफर टेक्नोलॉजी लैब, बटेर हाउस व हैचरी प्लांट का भी निरीक्षण किया।
फार्म पर साहीवाल गायों को सेव और गुड़ खिलाकर उनकी सेवा की। बातचीत के दौरान कहा कि देश के गिने-चुने फार्मों में से एक है यह। इसे मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए सोलर प्लांट लगाया जाएगा।
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बताया कि सोलर पॉवर हाउस और जैविक खाद से खेती करने के लिए चक गंजरिया फार्म पूरे देश में एक मॉडल के रूप में अपनी पहचान बनाने जा रहा है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है तकनीकी टीम यहां निरीक्षण कर जल्दी ही रिपोर्ट दे देगी।
पशुधन मंत्री ने कहा कि यहां गोबर गैस प्लांट से गैस के साथ ही जैविक खाद का उत्पादन किया जाएगा। यही नहीं, सैकड़ों एकड़ में फैले इस फार्म पर खेेती में सिर्फ जैविक खाद का प्रयोग किया जाएगा।
बताया कि यह फार्म सीमेन द्वारा गायों को सिर्फ बछिया पैदा कराने के लिए अपना एक अलग पहचान बना चुका है। करीब दो घंटे तक फार्म के एक-एक प्लांट का बारीकी से जायजा लिया और कहा कि यहां जैविक खाद से ही चारा पैदा कर दुधारू गायों को खिलाया जाएगा ताकि शुद्ध दूध के उत्पादन में भी अलग पहचान बनाए।
उन्होंने फार्म और पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर अभिलेख आदि देखे। इस मौके पर विभाग के डायरेक्टर एसके श्रीवास्तव, डायरेक्टर प्रशासन डॉ. यूपी सिंह, उपनिदेशक परिक्षेत्र डॉ. प्रकाश चंद्र सिंह, मुख्य पश ुचिकित्साधिकारी एससी जायसवाल, मैनेजर एमपी सिंह, पोल्ट्री इंचार्ज अशोक वर्मा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
प्रदेश में चार हजार गोशालाएं बनाई जा रही हैं। इनका निर्माण ग्राम पंचायत, जिला पंचायत व नगर पालिका की तरफ से किया जा रहा है। छुट्टा मवेशियों को पालने वालों को प्रतिमाह नौ सौ रुपये दिये जाने की योजना को धरातल पर लाने की तैयारी की गई है। यह पूरी तरह से विभागीय दौरा था।
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