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Barabanki News: अस्पताल में नहीं दिखी बागवानी व सफाई, जांच के आदेश

Thu, 06 Feb 2025 12:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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बाराबंकी। जिला अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्था व बदहाली का नजारा डीएम शशांक त्रिपाठी ने बुधवार को निरीक्षण के दौरान देखा। चिकित्सालय परिसर का भ्रमण करने पर जगह-जगह गंदगी देख कर उन्होंने नाराजगी जताते हुए सफाई के लिए मिले अतिरिक्त बजट के बारे में जानकारी मांगी। इस पर मौके पर मौजूद सीएमएस व सफाई ठेकेदार तक ंचुप्पी साधे रहे। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए सफाई व बागवानी मद में मिली धनराशि की जांच कराने का निर्देश दिया।
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डीएम ने चिकित्सालय में बागवानी के नाम पर सूखे पड़े गमले व फुलवाड़ी को देख कर बागवानी के मद में मिलने वाली धनराशि के बारे में पूछा। इसका भी कोई संतोषजनक जवाब नही मिला। चिकित्सालय भवन की दूसरी मंजिल पर स्थित कार्यालय में भी अव्यवस्था व गंदगी के साथ निष्प्रयोज्य सामग्री मिली। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए निष्प्रयोज्य सामान तत्काल हटवाने के लिए कहा।
मरीजों से पूछा बाहर की दवा तो नहीं लिखी जा रही
निरीक्षण के दौरान डीएम ने ओपीडी में मौजूद मरीजों से बाहर से दवाएं लिखे जाने के बारे में भी पूछताछ की लेकिन कोई खुलकर नहीं बोला। चंद मरीजों ने सिर्फ इमरजेंसी में कुछ दवाएं बाहर से मंगाए जाने की बात कही। अमर उजाला ने अस्पताल में जीवन रक्षक दवाएं न होने की परेशानी को प्रमुखता के साथ उजागर किया था। इसका संज्ञान लेते हुए डीएम ने बुधवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण कर वहां मिलने वाली दवाओं की उपलब्धता जानते हुए बाहर से दवाएं न लिखने की चेतावनी भी मौजूद चिकित्सकों को दी।
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ओपीडी में देखते समय मौजूद रहे मरीज की फाइल
पंजीकरण काउंटर पर लाइन में खड़े संदीप कुमार सहित अन्य कई लोगों से डीएम ने पूछा कि कितनी देर से लाइन में खड़े हो, पर्चा बनने में क्या समस्या आ रही है। एक शिकायत पर मौजूद नेत्र चिकित्सक से बातचीत की तो बताया गया कि मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद मरीज की समस्या बढ़ जाने पर लखनऊ रेफर किया गया है।
नाक, कान गला, बाल रोग, दांत, चर्म रोग की ओपीडी देखने के बाद निर्देश दिया कि मरीजों को देखते समय डॉक्टर के मरीज की बीमारी से संबंधी फाइल अवश्य मौजूद रहे। इसके बाद उन्होंने पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चों और उनके परिजनों से भी बातचीत की।
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