बाराबंकी। शहर का कचरा अब नगर पालिका की आमदनी बढ़ाएगा। इसके लिए कचरा प्रबंधन की पुख्ता रणनीति बनाई गई है। इस रणनीति का अहम हिस्सा गृहणियां होंगी, जो घरेलू कचरे को अलग-अलग रखने के बजाए अनजाने में एक साथ रखती हैं। इसके लिए गृहणियों को कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक बनाने का काम किया जा रहा है। ताकि कचरे से खाद व इंटर लॉकिंग ईंट बनाकर उसे बेचा जा सके। इससे नगर पालिका की आमदनी भी बढ़ेगी।
शहर में करीब 65 से 70 टन कचरा रोज निकलता है। इसमें घरेलू कचरे की मात्रा करीब पांच टन है। इसमें से एक टन कचरा डोर-टू-डोर एकत्र होने लगा है। करीब चार टन कचरा और एकत्र होगा। यह घरेलू कचरा शहर के गो आश्रय स्थल मंझलेपुर के निकट बनाए गए एमआरएफ सेंटर कचरा निस्तारण केंद्र में भेजा जा रहा है। घरों से एकत्र किए जाने वाले गीले कचरे का निस्तारण के लिए वर्मी कंपोस्ट बनाने के लिए गड्ढे भी बनाए जाएंगे। उनमें गीला कचरा डालने के बाद बॉयो कल्चर डालकर जैविक खाद तैयार होगी।
जबकि एमआरएफ सेंटर में पहुंचने वाले कचरे की प्लास्टिक, गत्ता, बोलत, लोहे के अवशेष आदि सामान अगल-अलग कर बेचा जाएगा। पॉलिथिन से इंटर लॉकिंग ईंट बनाने का काम पहले से ही किया जा रहा है। नगर पालिका के ईओ संजय कुमार शुक्ल ने बताया कि डीएम शशांक त्रिपाठी और नगर पालिका अध्यक्ष शीला सिंह के निर्देशन में कचरा प्रबंधन पर काम तेज गति से चल रहा है। इसका असर एक माह के अंदर ही शहर में प्रभावी रूप से देखा जा सकेगा।
400 घरों पर एक ई रिक्शा
कार्ययोजना के तहत शहर के 400 घरों का कचरा एकत्र करने के लिए एक ई रिक्शा लगाया जाएगा। इनसे कोई दूसरा काम नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा शहर के 29 वार्डों में कचरा कलेक्शन के लिए एक-एक टाटा मैजिक भार वाहन रखा जाएगा। इसके लिए हर वार्ड में एक कमेटी बनाई गई है, जिसमें सभासद भी शामिल हैं। सुपर वाइजर व सभासद सफाई व्यवस्था कार्य सुनिश्चित कराएंगे।