बाराबंकी। नकली दवाओं का कारोबार करने वाले माफिया जिले में पूरी तरह से सक्रिय हैं। इस बात का खुलासा हाल ही में पांच दवाओं के नमूने फेल होने और इन दवाओं के नकली पाए जाने से हो गया है। यही नहीं इससे पहले भी कई दवाएं जांच में नकली पाई जा चुकी हैं।
शहर के दशहराबाग स्थित एक दवा गोदाम पर तीन अगस्त को सहायक आयुक्त औषधि अयोध्या मंडल जीसी श्रीवास्तव ने कई जनपदों के औषधि निरीक्षकों के साथ छापा मारा था। जांच के दौरान यहां से करीब साढ़े छह लाख रुपये की दवाएं बरामद हुई थीं। इस दौरान गोदाम संचालक कोई अभिलेख नहीं दिखा सका था, जिस पर दवाओं को जब्त कर लिया गया था और 18 प्रकार की दवाओं के नमूने भरकर जांच को भेजे गए थे। इनमें से पांच दवाओं की जांच रिपोर्ट आ गई है और ये सभी दवाएं नकली पाई गई हैं।
जांच में मोरेसेफ (सिफेक्जिम ओफालाक्सासिन), जेड 200 एलबी (सिफेक्जिम), एक्स सेफ (सिफेक्जिम), वाइटलेक्स (एमाक्सीसिलीन) और जेसपर एजेड एलबी (एजीथ्रोमाइसिन सिफेक्जिम) कंबीनेशन की दवाएं फेल (नकली) पाई गई हैं। इससे साफ हो गया है कि जिले में बड़े पैमाने पर नकली दवाओं का कारोबार दवा माफिया कर रहे हैं। लेकिन विभाग इस पर अंकुश लगा पाने में खुद को असहाय महसूस कर रहा है, क्योंकि दवा माफिया की पैठ के आगे विभाग की चल नहीं पा रही है।
दशहराबाग स्थित अवैध दवा गोदाम से 18 दवाओं के नमूने भरकर जांच के लिए भेजे गए थे। इनमें से पांच दवाओं के नमूनों की जांच रिपोर्ट आ गई है और पांचों फेल (नकली) पाई गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद गोदाम संचालक के खिलाफ विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
-सीमा सिंह, औषधि निरीक्षक