बाराबंकी। गंदे नालों, सीवर और सेप्टिक टैंकों की सफाई में जुटे रहने वाले स्वच्छता दूतों के बच्चों की पढ़ाई अब तंगहाली की वजह से नहीं छूटेगी। केंद्र सरकार की नमस्ते योजना के तहत ऐसे सभी कर्मियों के नौनिहालों को अब प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप से जोड़ा जाएगा। इस पहल का सीधा मकसद स्वच्छता कर्मचारियों और कचरा बीनने वाले परिवारों के बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़कर उनका भविष्य बेहतर बनाना है।
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी से मिले पत्र के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक ने जिले के सभी माध्यमिक और पूर्वदशम विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देश जारी किए हैं। स्कूलों को आदेश दिए गए हैं कि वे अपने यहां नामांकित स्वच्छता कर्मियों के पात्र बच्चों को चिह्नित करें और उनका आवेदन फॉर्म भरवाएं। कोई भी जरूरतमंद बच्चा योजना से वंचित न रहे, इसके लिए विद्यालयों में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
नमस्ते योजना के तहत पंजीकृत स्वच्छता कर्मियों के बच्चों को शिक्षा से जोड़कर संबल देना हमारी प्राथमिकता है। सभी विद्यालय प्रधानाचार्याें को पात्र बच्चों को चिह्नित कर समय से स्कॉलरशिप दिलाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
- सत्येन्द्र प्रताप सिंह, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी