बाराबंकी। सफेदाबाद स्थित हिंद और गदिया स्थित मेयो अस्पताल में कोरोना मरीजों से अवैध वसूली की जा रही है। इसका खुलासा जिलाधिकारी द्वारा कराई गई जांच में हुआ है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने दोनों अस्पतालों को नोटिस जारी करते हुए एक माह में कोरोना के कितने मरीजों का उपचार किया गया है इसका पूरा विवरण तीन दिन के उपलब्ध कराए जाने का आदेश दिया है। अमर उजाला ने सबसे पहले खबर प्रकाशित कर दोनों अस्पतालों में कोरोना मरीजों से हो रही अवैध वसूली का खुलासा किया था। जिसे जिला प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कराई।
जिलाधिकारी के आदेश पर एसडीएम सदर अभय कुमार पांडेय ने हिंद अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीज शशि बाजपेयी, घनश्यामदास गुप्ता, कमलावती समेत छह मरीजों के प्रपत्रों की जांच की। इसी प्रकार एसडीएम फतेहपुर पंकज सिंह ने मेयो अस्पताल में भर्ती किए गए कोरोना के मरीज दुष्यंत सिंह, शिवशंकर सिंह, आकांक्षा अवस्थी समेत छह मरीजों के प्रपत्रों की जांच की।
दोनों अधिकारियों ने अपनी-अपनी जांच में पाया कि अस्पतालों में कोरोना मरीजों से निर्धारित मानक से कहीं ज्यादा पैसा लिया गया है। यहीं नहीं इन अस्पतालों के पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध कराई गई। इसके बाद भी मरीजों से ऑक्सीजन के पैसे वसूले गए। इसके अलावा जिनका उपचार आयुष्मान की दरों पर किया जाना चाहिए था उनसे भी पैसा वसूल किया गया। दोनों अधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को अग्रिम कार्रवाई के लिए सौंप दी है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों अस्पतालों को एक माह में कोरोना के कितने मरीज भर्ती किए गए हैं, इसका पूरा विवरण उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि शासन द्वारा निर्धारित दरों के बावजूद अधिक राशि की वसूली क्यों की गई। इसके लिए दोनों अस्पतालों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
-डॉ. आदर्श सिंह, जिलाधिकारी