देवा (बाराबंकी)। राजधानी लखनऊ से सटी सीमा पर बने किसान पथ के आसपास प्लाटिंग के नाम पर करोड़ों का फर्जीवाड़ा हो रहा है। फर्जी तरह से प्लॉट बेचने में फंसी फर्म देव इंफ्रा डवलपर्स पर धोखाधड़ी से जमीन के नाम पर प्रयागराज के एक व्यक्ति से सात लाख रुपया हड़पने का एक मुकदमा देवा कोतवाली में दर्ज कराया गया है। इससे पहले भी देव इंफ्रा पर फर्जीवाड़ा कर जमीन बेचने के दो मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
प्रयागराज जिले के न्यू मफोईगंज निवासी पंकज कुमार पांडेय ने देवा पुलिस को दी तहरीर में बताया कि साल 2014 में देव इंफ्रा डवलपर्स के मालिक देवेंद्र पाल ने देवा क्षेत्र में किसान पथ के पास प्लॉट देने के नाम पर सात लाख रुपये लिए थे। आठ साल बाद भी उक्त भूखंड की रजिस्ट्री अभी तक नहीं कराई गई। पांच साल बाद देवेंद्र पाल की मौत हो गई।
पूरा काम उनके भाई सुरेंद्र पाल ने संभाला लिया। पहले तो सुरेंद्र ने जमीन देने का भरोसा दिया मगर अब न तो जमा धनराशि वापस की जा रही है और न ही प्लाट दिया जा रहा है। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि वर्तमान में वह एक सड़क हादसे का शिकार होकर दिव्यांग तक हो गए है। ऐसे में इलाज कराने के लिए उन्हें पैसों की सख्त जरूरत है।
देवा कोतवाल पंकज कुमार सिंह ने बताया किदेव इंफ्रा के कर्ताधर्ता सुरेंद्र पाल के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर मामले की जांच कराई जा रही है। बताया कि उक्त फर्म से जुड़े लोगों पर पहले से ही दो मुकदमे दर्ज हैं।