बाराबंकी। गेहूं खरीद ने इस बार पिछले चार सालों को रिकार्ड तोड़ दिया है। इस बार करीब 90 प्रतिशत गेेहूं की खरीद हुई है। इससे पहले वर्ष 2021 में 73 हजार मीट्रिक टन (एमटी) गेहूं की खरीद हुई थी। इसके बाद गेहूं खरीद कभी लक्ष्य के आसपास तक नहीं पहुंची जबकि इस बार 25 हजार एमटी गेहूं की खरीद हुई है जो लक्ष्य से करीब दो हजार एमटी कम है।
जिले में सोमवार से गेहूं की खरीद बंद हो गई है। इस बार शासन ने गेहूं खरीद का लक्ष्य 27 हजार एमटी निर्धारित किया था। इसके सापेक्ष 25,390 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा सकी है। पिछले चार वर्षों के आंकड़ों को देखा जाए तो इस साल सबसे ज्यादा खरीद हुई है। वर्ष 2021 में 73 हजार एमटी गेहूं की खरीद हुई थी।
इसके बाद वर्ष 2022 में 1728 एमटी, वर्ष 2023 में 1023 एमटी, वर्ष 2024 में 7737 एमटी और वर्ष 2025 में 10881 एमटी गेहूं की खरीद हुई थी। बताते चलें कि शुरूआत में बाजार भाव अधिक होने की वजह से सरकारी केंद्रों पर किसान गेहूं लेकर नहीं आ रहे थे लेकिन जब इस बात की जानकारी जिलाधिकारी को हुई तो उन्होंने सभी एसडीएम से आढ़तियों की जांच कराई।
इसके बाद बाजार भाव में गिरावट आ गई और सरकारी केंद्रों पर गेहूं की आवक बढ़ी। यही वजह रही कि इस साल गेहूं की बेहतर खरीद हुई है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी राजीव कुलश्रेष्ठ ने बताया कि निर्धारित लक्ष्य 27 हजार के सापेक्ष 25 हजार एमटी गेहूं की खरीद हुई है। डीएम के निर्देशन में सभी केंद्र प्रभारियों ने काम किया, जिसकी वजह से इस बार गेहूं की ठीकठाक खरीद करने में विभाग सफल रहा है।