बाराबंकी। शहर के कार्डधारकों में वितरण के लिए खराब गेहूं भेज दिया गया। कोटेदारों ने जब बोरियां खोली तो देखा की उसमें काला और खराब गेहूं भरा हुआ था, जिससे बदबू भी आ रही थी। कोटेदारों ने इसका वितरण करने से मना कर दिया है। मामला जिला खाद्य विपणन अधिकारी तक पहुंचा तो उन्होंने इसकी जांच के आदेश दिए हैं।
ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विजय पाल गौतम ने बताया कि शहर के करीब आधा दर्जन सरकारी राशन की दुकानों पर करीब 32 क्विंटल से अधिक खराब गेहूं भेज दिया गया। बताया कि जब बोरियां खोलकर देखा गया तो इस बात की जानकारी हुई कि जो गेहूं कार्डधारकों में वितरण के लिए भेजा गया है, वो काफी खराब है और उसका वितरण नहीं किया जा सकता है।
गेहूं से बदबू निकल रही है। उन्होंने बताया कि गेहूं की गुणवत्ता इतनी खराब हैं कि कार्डधारकों की बात तो दूर, वो पशुओं के खाने लायक भी नहीं है। कोटेदार विजयपाल गौतम, रविंद्र बौद्ध, विनोद भारती आदि ने इसकी शिकायत जिला खाद्य विपणन अधिकारी राजीव कुलश्रेष्ठ से की।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि जो गेहूं शहर की दुकानों पर वितरण के लिए भेजा गया है, वो हैदरगढ़ गोदाम से आया है। इसे वापस कराया जा रहा है। वरिष्ठ विपणन अधिकारी के नेतृत्व में दो सदस्यीय टीम को इसकी जांच सौंपी गई है।