हैदरगढ़/त्रिवेदीगंज (बाराबंकी)। करीब पांच दिन पहले दिखा तेंदुआ लखनऊ की सीमा की ओर बढ़ रहा है। त्रिवेदीगंज के भितरी में युवक को घायल करने के बाद कांबिंग के दौरान मिले पगचिह्न से तेंदुआ की मौजूदगी की पुष्टि हो रही है। इसको लेकर गोमती किनारे बसे गावों के लोगों में दहशत है।
वन विभाग की टीम ने रविवार को भितरी गांव में मिले पगचिह्नों के सहारे गांव धौरहरा, मोहम्मदपुर, लोनी नाला से गोमती किनारे तक ग्रामीणों के साथ कांबिंग की। उप वन अधिकारी अजय कुमार पांडेय कैंप कर टीम को दिशा निर्देश देते दिखाई दिए। पगचिह्नों के आधार पर तेंदुआ के ही होने का अनुमान लगाया जा रहा है। बीते बुधवार को तेंदुआ ने लोधेसिंह पुरवा के पास बकरी को दबोचा था, लेकिन ग्रामीणों व वन कर्मियों के पहुंचने पर एक्सप्रेस की पानी निकासी पाइप से होकर तेंदुआ दूसरी ओर भाग निकला। जिधर से छलांग लगाकर भागा, वहां मौजूद विधायक दिनेश रावत ने तेंदुआ होने की बात कही, लेकिन पगचिह्न नहीं मिलने से वन विभाग के अधिकारी पुष्टि नहीं कर रहे थे।
इसको लेकर पास के बम्हरौली, गंगापुर संसारा, घरकुंइया, बीजापुर, पेचरुआ आदि गांवों में दहशत थी। शनिवार की शाम त्रिवेदीगंज के भितरी में तेंदुआ के हमले से गांव का राजू घायल हो गया था। जानकारों ने बताया कि तेंदुआ लगातार पश्चिम की ओर बढ़ रहा है, जिससे उसके लखनऊ की सीमा पर पहुंचने के कयास लगाए जा रहे हैं। प्रभागीय वन अधिकारी आकाश दीप बधवान ने सभी वन कर्मियों का अवकाश निरस्त कर जंगली जानवर की गतिविधि पर नजर रखने व ग्रामीणों को सुरक्षा का भरोसा दिलाने के निर्देश दिए हैं। वहीं वन दरोगा अनुज सिंह, अभय गौतम, उप वन क्षेत्राधिकारी उमेश कनौजिया की अगुवाई में वनकर्मी व गांव के मोहम्मद सईद, कासिम, चंद्रभान कांबिंग कर रहे हैं।