महादेवा (बाराबंकी)। महादेवा महोत्सव में मंगलवार को लोक गायिका जाह्नवी श्रीवास्तव और उनके सहयोगी कलाकारों ने अपने सुरों से भक्ति और लोक संगीत का जादू बिखेरा। एक के बाद एक प्रस्तुत किए गए भजन और अवधी लोकगीतों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
लोक गायिका जाह्नवी श्रीवास्तव व जया ने कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना, गौरी शंकर के अंगना मां नाचे गणेश, लाल-लाल फूलों से अंगना सजाया कार्तिक संग नाचे गणेश.. से की। उनके सुरों ने जैसे ही मंच को सजाया, पूरा पंडाल भक्ति रस में डूब गया। इसके बाद भगवान शिव की स्तुति, आशुतोष शशांक शेखर चंद्रमौली चिदंबरम कोटि-कोटि प्रणाम शंभू, कोटि नमन दिगंबरम... गाकर भक्तिमय माहौल को और गहरा कर दिया। इसके बाद जाह्नवी ने भोजपुरी गीत, हमका बगियन मा बैठावै कि राजा बैगनवा बेचन जाय, प्रस्तुत किया। पंडाल में मौजूद दर्शकों ने तालियों के साथ उनका स्वागत किया। इसके बाद गीत रेलिया बैरन पिया को लिहे जाए रे, जौने टिकटवा से पिया मोरे जैहै बरसे पनिया टिकटवा गल जाए रे सुनकर दर्शकों ने भावुक होकर उनका समर्थन किया। होली खेले शिव भोला फागुन में, हाथ में सोए कनक पिचकारी, कांधे पर अमीर का झोला गाकर माहौल को होलीमय बना दिया।