महादेवा (बाराबंकी)। श्री लोधेश्वर महादेवा में कजरी तीज पर भगवान शिव का अभिषेक करने के लिए श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। रविवार रात 12 बजे मंदिर के कपाट खुलते ही हर-हर महादेव, ओम नम: शिवाय की गूंज के साथ जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया। यहां पर जलाभिषेक के लिए विशेष बंदोबस्त किए गए हैं।
कजरी तीज के शुभ मुहूर्त पर जलाभिषेक के लिए रविवार सुबह से ही कई जिलों से श्रद्धालुओं के जत्थे तीर्थनगरी पहुंच गए थे। इन जत्थों में लखनऊ, अयोध्या, सीतापुर, कन्नौज, उरई, जालौन, उन्नाव समेत कई जिलों के श्रद्धालु शामिल रहे। आस्थावान कांवड़ में पवित्र नदियों से श्रद्धा का जल लेकर महादेवा पहुंचे। उधर, सीतापुर के चहलारी घाट से अपने अनुयाइयों के साथ त्यागीजी महराज भी महादेवा पहुंचे। प्रशासन ने सुरक्षा-व्यस्था के बीच शिवलिंग का जलाभिषेक कराया। जत्थे में करीब दो हजार अनुयायी शामिल थे। प्रशासन का अनुमान है कि कजरी तीज पर सोमवार शाम तक करीब डेड़ लाख शिवभक्त अपने आराध्य देव की पूजा-अर्चना के लिए जुटेंगे।
सीओ हर्षित चौहान के अनुसार कजरी तीज मेला को देखते हुए महादेवा में चप्पे-चप्पे पर 29 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। गर्भगृह से लेकर पूरे परिसर की कड़ी निगरानी के लिए करीब 15 इंस्पेक्टर, 30 दरोगा और 400 महिला-पुरुष कांस्टेबल ड्यूटी पर तैनात रहेंगे।
भक्तिमय गीतों पर थिरकते रहे शिवभक्त
कजरी तीज पर भगवान शिव के साथ मां पार्वती की पूजा का भी विशेष महत्व है। इस दिन महिलाएं घरों व शिवालयों में व्रत रह कर पति की लंबी उम्र के लिए पूजा-अर्चना करती हैं। शिवालयों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। शिवालयों की रंगाई-पुताई के साथ-साथ रंग-बिरंगी झालरें लगाई गई हैं। वहीं श्री लोधेश्वर महादेवा की सड़कें शिवमय नजर आ रही हैं। शिवभक्त गाजे-बाजे व डीजे की धुन पर थिरकते नजर आए।