कोटवाधाम (बाराबंकी)। गांवों में फंसे बाढ़ पीड़ितों की दुश्वारियां बढ़ती ही जा रही है। गांवों को जोड़ने वाले मार्गों पर पानी भरा होने की वजह से इन्हें खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उधर जबकि घाघरा का पानी लगातार बढ़ता जा रहा है। नदी का पानी खतरे के निशान से 11 सेमी ऊपर पहुंच गया है। वहीं प्रशासन ने बुधवार को मांझारायपुर और परसावल के करीब सौ परिवारों में राहत सामग्री का वितरण किया। जबकि ज्यादातर परिवारों को राहत सामग्री न मिलने से इनके सामने दो वक्त की रोटी का संकट गहराता जा रहा है।
कंट्रोल रूम के मुताबिक घाघरा नदी का पानी खतरे के निशान 106.076 से बढ़कर 106.186 पर पहुंच गया है। वहीं करीब सौ परिवार एल्गिन चरसड़ी तटबंध पर आकर डेरा डाले हुए हैं। गांवों में पानी बढ़ने की वजह से यहां के लोग भी धीरे-धीरे सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन करने लगे हैं लेकिन पर्याप्त मात्रा में नावें न मिल पाने की वजह से इन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बुधवार को पूरे दिन हुई बारिश के चलते इनकी दिक्कतें और बढ़ती जा रही हैं।
वहीं जो परिवार तटबंध पर बसे हुए हैं वह भी परेशानियों से जूझ रहे हैं।
एडीएम के आदेश के बाद बुधवार कोस मांझारायपुर और परसावल के करीब सौ परिवारों में राहत सामग्री का वितरण तहसीलदार अखिलेश कुमार सिंह के द्वारा किया गया। एडीएम संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि जो परिवार रह गए हैं उनमें बृहस्पतिवार को राहत सामग्री का वितरण कराया जाएगा।