घाघरा नदी का जलस्तर कम होने के बाद भी बाढ़ पीड़ित परेशान हैं। खाद्यान्न व रहन सहन के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हो रही है। कटान की चपेट में आए कंचनापुर गांव में जहां अब तक तेरह घर नदी में समा चुके है वहीं छह और घर कटान के मुहाने पर पहुंच गए। बुधवार को डीएम उदयभानु त्रिपाठी ने बाढ़ग्रस्त इलाके का दौरा कर पीड़ितों में राहत सामग्री बांटी। हालांकि बुधवार को नदी का जलस्तर घटने के साथ खतरे के निशान से 61 सेमी ऊपर आ गया है।
जिले के आखरी छोर में बसे करीब 50 परिवारों के कंचनापुर गांव में तीन दिनों से घाघरा नदी के विकराल कटान से ग्रामीणों में दहशत में हैं। जहां नदी तेजी से कटान कर रही है वहीं गांव में समसुद्दीन,अलीहन व आईशा बानों अपने ही घरों को तोड़ने में जुटे है। बीते तीन दिनों के अंदर इस गांव के फारूक, जुबेर, अब्दुल, मुकीर, कलाम, रफीक, नूरहसन, मुनीर, वारिस, सिराज, इंदरीश, नियाज व मेराज के घर इनकी आंखों के सामने ही नदी में समा चुके हैं।
जब कि सफीक, अलीमुन, अलीहसन, सलाहुद्दी व आईशा बानों, बफाती, रियाजुद्दीन के घर के समीप नदी ने कटान तेज कर दी है और बृहस्पतिवार तक यह भी नदी में समा सकते हैं। गांव में पहुंचे रामनगर तहसील दार सुरेश राय ने लोगों का हाल जानने के साथ उनकी हर संभव मदद करने की बात कही है।